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7 साल बाद लिपुलेख दर्रे से फिर शुरू होगा भारत-चीन व्यापार, वीडियो में जाने धारचूला में खुला ट्रेड कार्यालय

 

भारत और चीन के बीच पारंपरिक सीमा व्यापार को पुनर्जीवित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए Lipulekh Pass से व्यापार दोबारा शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है। सोमवार को Dharchula में ट्रेड कार्यालय का उद्घाटन किया गया, जिसके बाद व्यापारियों से आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरू हो गई।जानकारी के मुताबिक, पहले ही दिन 20 व्यापारियों ने ट्रेड पास के लिए आवेदन किया। विदेश मंत्रालय द्वारा कुल 300 ट्रेड पास उपलब्ध कराए गए हैं, जिनके माध्यम से सीमावर्ती व्यापार को बढ़ावा दिया जाएगा।

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गुंजी में शुरू हुई नई सुविधाएं

व्यापारिक गतिविधियों को सुचारू बनाने के लिए Gunji में कस्टम कार्यालय और बैंक शाखा भी शुरू कर दी गई है। इससे व्यापारियों को दस्तावेजी प्रक्रिया, वित्तीय लेन-देन और सीमा शुल्क संबंधी कार्यों में सुविधा मिलेगी।

क्या होता है ट्रेड पास?

अधिकारियों के अनुसार, भारत-तिब्बत ट्रेड पास सामान्य पासपोर्ट से अलग होता है। यह किसी व्यक्ति को विदेश यात्रा की अनुमति देने वाला दस्तावेज नहीं है। इसके बजाय यह सीमित अवधि और निर्धारित सीमा क्षेत्र के भीतर व्यापारिक गतिविधियों के लिए जारी किया जाने वाला विशेष अनुमति पत्र है।इस पास के माध्यम से अधिकृत व्यापारी तय नियमों और शर्तों के तहत सीमा पार व्यापार कर सकते हैं। इसका उपयोग केवल व्यापारिक उद्देश्यों के लिए किया जाता है।

स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ

लिपुलेख मार्ग से व्यापार दोबारा शुरू होने को सीमावर्ती क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे स्थानीय व्यापारियों, परिवहन क्षेत्र और अन्य संबंधित व्यवसायों को नए अवसर मिलने की उम्मीद है। साथ ही भारत-तिब्बत के पारंपरिक व्यापारिक संबंधों को भी मजबूती मिलेगी। सात वर्षों के लंबे अंतराल के बाद शुरू हो रही यह पहल सीमावर्ती क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।