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India-China Border Trade: 24 साल बाद सीमा पर व्यापार शुरू होने की तैयारी, भारतीय कारोबारियों में उत्साह

 

भारत और चीन के बीच सीमा क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय व्यापार दोबारा शुरू होने की संभावनाओं ने कारोबारी जगत में उत्साह बढ़ा दिया है। लंबे समय से बंद पड़े सीमा व्यापार को फिर से सक्रिय करने की दिशा में प्रयास तेज हो गए हैं। खास बात यह है कि पिछले 24 वर्षों से व्यापारिक गतिविधियों के लिए कोई भी चीनी व्यापारी भारतीय सीमा में प्रवेश नहीं कर पाया है।

24 साल से बंद है प्रत्यक्ष कारोबारी आवाजाही

सीमा क्षेत्र में व्यापारिक व्यवस्था होने के बावजूद पिछले करीब 24 वर्षों से चीनी व्यापारियों की भारत में प्रत्यक्ष आवाजाही नहीं हुई है। विभिन्न सुरक्षा, प्रशासनिक और कूटनीतिक कारणों के चलते सीमा पार व्यापार सीमित रहा है।

अब व्यापारिक गतिविधियों को फिर से गति देने की कोशिशें की जा रही हैं, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।

भारतीय कारोबारियों में उत्साह

व्यापार शुरू होने की संभावना से भारतीय कारोबारी काफी उत्साहित हैं। उनका मानना है कि सीमा व्यापार बहाल होने से नए बाजारों तक पहुंच आसान होगी और व्यापारिक अवसर बढ़ेंगे।

कई व्यापारी संगठनों ने भी सीमा व्यापार को स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के लिए लाभकारी बताया है।

सीमावर्ती क्षेत्रों को होगा फायदा

विशेषज्ञों का कहना है कि सीमा व्यापार शुरू होने से सीमावर्ती इलाकों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। स्थानीय उत्पादों को नए बाजार मिल सकते हैं और परिवहन, लॉजिस्टिक्स तथा अन्य सेवाओं से जुड़े लोगों को भी लाभ होगा।

इसके अलावा पर्यटन और सांस्कृतिक संपर्कों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना जताई जा रही है।

सुरक्षा और नियमों पर रहेगा जोर

व्यापार शुरू होने से पहले सुरक्षा, कस्टम और आव्रजन संबंधी प्रक्रियाओं को लेकर विशेष व्यवस्था की जा रही है। दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियों को नियमों के तहत संचालित करने पर जोर दिया जा रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि व्यापारिक हितों के साथ-साथ सुरक्षा मानकों का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा।

कारोबारियों को फैसले का इंतजार

फिलहाल व्यापार शुरू करने की तैयारियां और औपचारिक प्रक्रियाएं जारी हैं। भारतीय व्यापारी अंतिम मंजूरी और संचालन की तारीख का इंतजार कर रहे हैं। यदि यह पहल सफल होती है तो सीमावर्ती व्यापार को नया आयाम मिल सकता है और दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को भी मजबूती मिल सकती है।