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उत्तराखंड में 25 अगस्त तक बारिश से राहत के आसार कम, 6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; अब तक 289 मौतें

 

उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता के चलते बारिश और उससे जुड़ी दुश्वारियां फिलहाल खत्म होती नजर नहीं आ रही हैं। मौसम विभाग ने सोमवार को राज्य के छह जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, 25 अगस्त तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क बाधित होने और नदी-नालों के जलस्तर बढ़ने का खतरा बना हुआ है।

छह जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने सोमवार को देहरादून, चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, नैनीताल और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। पर्वतीय इलाकों में आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के तीव्र दौर को लेकर भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।बीते 24 घंटे में नैनीताल में 32 मिलीमीटर, चौबटिया में 31 मिलीमीटर और थलीसैण में 24.5 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हुआ है।

आपदा और हादसों में 289 लोगों की मौत

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस साल अब तक उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा और सड़क हादसों को मिलाकर 289 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें सड़क दुर्घटनाओं में 246 लोगों की मौत हुई है, जबकि 878 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं और नौ लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।वहीं, एक अप्रैल से अब तक प्राकृतिक आपदाओं के कारण 43 लोगों की मौत हुई है। आपदा से 46 लोग घायल हुए हैं और एक व्यक्ति लापता है। इसके अलावा 826 पशुओं की मौत हुई है और 1,200 से अधिक मकान आंशिक या पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं।

दून-मसूरी मार्ग पर भूस्खलन का खतरा

लगातार बारिश के बीच दून-मसूरी मार्ग पर भी खतरा बना हुआ है। मैगी प्वाइंट के पास पहाड़ी दरकने से मलबा, पेड़ और बोल्डर सड़क किनारे आ गिरे। मार्ग को फिलहाल छोटे वाहनों के लिए खोला गया है, जबकि बड़े वाहनों को वैकल्पिक रास्तों से भेजा जा रहा है।नैनीताल में भी तेज बारिश के बाद नाले उफान पर आ गए और झील का जलस्तर बढ़ा। जिले के कई ग्रामीण मार्ग बारिश और भूस्खलन के कारण बाधित हुए हैं।

25 अगस्त तक कुमाऊं में भी बारिश

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, 25 अगस्त तक कुमाऊं मंडल के सभी जिलों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। ऐसे में पहाड़ी मार्गों पर सफर करने वालों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रशासन और संबंधित विभागों को भी संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। लगातार खराब मौसम को देखते हुए लोगों से मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और अनावश्यक रूप से जोखिम वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की जा रही है।