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हरिद्वार मदरसा मामला: 12 हजार छात्रों के गायब होने के दावे पर सरकार सख्त, जांच के आदेश

 

हरिद्वार जिले के मदरसों में पंजीकृत करीब 12 हजार छात्रों के कथित रूप से गायब होने के मामले ने उत्तराखंड में शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने जांच के आदेश दे दिए हैं और पूरे प्रदेश में विशेष अभियान शुरू कर दिया गया है।

सरकार ने बैठाई जांच

मदरसों में दर्ज छात्रों की वास्तविक उपस्थिति और रिकॉर्ड में दर्ज संख्या के बीच अंतर की खबरें सामने आने के बाद सरकार ने मामले की जांच शुरू कर दी है। संबंधित विभागों को पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

शिक्षा विभाग अलर्ट मोड पर

इस प्रकरण के बाद शिक्षा और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग अलर्ट मोड पर आ गए हैं। अधिकारियों को मदरसों में छात्रों के नामांकन, उपस्थिति और शैक्षणिक गतिविधियों का सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं।

राज्यभर में विशेष अभियान

सरकार ने केवल हरिद्वार ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड में मदरसों की जांच और सत्यापन अभियान शुरू किया है। इस दौरान छात्रों के रिकॉर्ड, आधारभूत सुविधाओं और संस्थानों के संचालन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी।

रिकॉर्ड और वास्तविकता का होगा मिलान

अधिकारियों का कहना है कि पंजीकृत छात्रों की संख्या और वास्तविक रूप से पढ़ाई कर रहे छात्रों का मिलान किया जाएगा। यदि किसी स्तर पर अनियमितता या फर्जीवाड़ा सामने आता है तो संबंधित संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई

सरकार ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल अधिकारियों को निष्पक्ष और विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।

शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता पर जोर

राज्य सरकार का कहना है कि सभी शैक्षणिक संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

मामले की जांच जारी है और शिक्षा विभाग की रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल इस मुद्दे पर पूरे राज्य की नजर बनी हुई है।