हरकी पैड़ी पर महिला के वीडियो से छेड़छाड़ कर वायरल करने का आरोप, श्री गंगा सभा ने जताया आक्रोश
हरिद्वार की हरकी पैड़ी स्थित मालवीय घाट से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि गंगा स्नान कर रही एक महिला के वीडियो के साथ छेड़छाड़ कर उसे आपत्तिजनक रूप में एडिट किया गया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। मामले की जानकारी सामने आने के बाद श्री गंगा सभा में आक्रोश है। संस्था ने पुलिस से मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
बताया जा रहा है कि महिला हरकी पैड़ी के मालवीय घाट पर गंगा स्नान कर रही थी। इसी दौरान उसका वीडियो बनाया गया। आरोप है कि बाद में मूल वीडियो के साथ डिजिटल तरीके से छेड़छाड़ की गई और उसे इस तरह से तैयार किया गया कि महिला का वीडियो आपत्तिजनक नजर आए। इसके बाद कथित तौर पर इसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किया गया।
वीडियो के सामने आने के बाद मामले को लेकर श्री गंगा सभा ने नाराजगी जताई है। सभा की ओर से पुलिस से शिकायत कर वीडियो की जांच कराने और इसे बनाने तथा प्रसारित करने वालों की पहचान करने की मांग की गई है।
मामला सामने आने के बाद अब पुलिस की जांच में यह पता लगाया जाएगा कि मूल वीडियो किसने बनाया था, उसमें किस स्तर पर एडिटिंग की गई और उसे सोशल मीडिया पर किसने अपलोड या शेयर किया। इसके अलावा वीडियो को वायरल करने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है।
किसी व्यक्ति के वीडियो या तस्वीर के साथ उसकी अनुमति के बिना डिजिटल छेड़छाड़ कर उसे आपत्तिजनक रूप में प्रसारित करना गंभीर मामला हो सकता है। खासतौर पर महिला की निजता और गरिमा से जुड़े मामलों में पुलिस द्वारा डिजिटल साक्ष्यों की जांच महत्वपूर्ण होती है। सोशल मीडिया पर इस तरह की सामग्री को शेयर करने से उसका प्रसार तेजी से बढ़ सकता है, जिससे पीड़ित को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
हरकी पैड़ी हरिद्वार का प्रमुख धार्मिक स्थल है और यहां रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं की निजता और सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। श्री गंगा सभा ने इसी संदर्भ में मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वीडियो में किस तरह की छेड़छाड़ की गई और इसके पीछे कौन लोग शामिल थे। पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित सामग्री के डिजिटल साक्ष्य भी जुटा सकती है।
फिलहाल श्री गंगा सभा ने मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब पुलिस जांच और कानूनी कार्रवाई के आधार पर यह सामने आएगा कि वीडियो के साथ छेड़छाड़ और उसके प्रसार में कौन-कौन लोग शामिल थे।