उत्तराखंड में ‘हर घर नल से जल’ योजना पकड़ेगी रफ्तार, केंद्र ने रोक दिया था बजट
उत्तराखंड में जल जीवन मिशन के लिए अनुपूरक बजट में 300 करोड़ का बजट रखा गया है। केंद्र से लंबे समय से बजट जारी न होने से योजना की रफ्तार थम गई थी। हाल ही में केंद्र ने 281 करोड़ का बजट जारी किया है। यह बजट भी राज्य सरकार की ओर से पूर्व में जारी बजट के रिम्बर्समेंट के रूप में खर्च हो चुका है। ऐसे में राज्य सेक्टर की हिस्सेदारी बढ़ाने और उसके जरिए केंद्र से करीब 618 करोड़ का बजट जारी कराने को अनुपूरक में राज्यांश बढ़ाने का प्रावधान किया गया है। ताकि अनुपूरक में उपलब्ध कराए गए 300 करोड़ के बजट से चुनाव तक अधूरे कामों को पूरा कराया जा सके।
अनुपूरक बजट में किए गए 300 करोड़ के इस प्रावधान से जल जीवन मिशन योजना में तेजी आएगी। पिछले गर्मी सीजन में पानी पहुंचाने के जो लक्ष्य अधूरे रह गए थे, वे आगामी सत्र में पूरे किए जाने के काम में तेजी आएगी।
98 प्रतिशत घरों में लग चुके हैं नल, पानी का इंतजार
उत्तराखंड में 98.12 प्रतिशत घरों में पानी के नल लग चुके हैं। अब योजनाओं के पूरा होने के बाद इन नलों में पानी पहुंच सकेगा। चार जिलों को छोड़ आठ जिलों में 99 प्रतिशत से अधिक घरों में नल लग चुके हैं। सिर्फ बागेश्वर एक अकेला ऐसा जिला है, जहां शत प्रतिशत घरों में नल लग चुके हैं। उत्तरकाशी, देहरादून, चमोली, रुद्रप्रयाग, चंपावत, टिहरी, पिथौरागढ़, पौड़ी जिले में 99 प्रतिशत से अधिक घरों में नल लग चुके हैं। अब योजनाओं को पूरा कर इन घरों में लगे नलों में पानी पहुंचाया जाना है।
सात साल में 13.17 लाख घरों में लगाए नल
उत्तराखंड में 15 अगस्त 2019 को जल जीवन मिशन योजना को शुरू किया गया। योजना शुरू होने के समय सिर्फ 130325 घरों में नल से पानी आ रहा था। शेष 1317260 घरों में पानी के नल नहीं थे। इन सात सालों में 1289997 घरों में नल लगाए गए हैं। इस तरह राज्य के कुल 1447585 घरों में से 1420322 घरों में नल लग चुके हैं।
सचिव पेयजल रणवीर सिंह चौहान ने कहा कि जल जीवन मिशन योजना के लिए अनुपूरक बजट में राज्यांश के लिए व्यवस्था होने से बजट की व्यवस्था हो गई है। अब तेजी के साथ केंद्र से भी बजट जारी कराया जाएगा। जल जीवन मिशन के शेष कार्यों को तेजी के साथ पूरा कराया जाएगा। पूरा प्रयास किया जा रहा है कि गर्मियों के सीजन तक योजनाओं को पूरा कर पेयजल सप्लाई को सामान्य बनाया जा सके।
...इधर, गैरसैंण में टिहरी और पौड़ी से आ रहे टैंकर
गैरसैंण, भराडीसैंण में पेयजल सप्लाई संभालने को टिहरी, पौड़ी, कर्णप्रयाग, चमोली समेत आसपास के क्षेत्रों से टैंकर मंगवाए गए हैं। पानी के इन टैंकरों का इस्तेमाल हैलीपेड क्षेत्र समेत आस पास की सड़कों पर पानी छिड़कने समेत कर्मचारियों को पानी पिलाने में भी हो रहा है। भराडीसैंण हैलीपेड के पास खड़े ये पानी के टैंकर पूरे क्षेत्र में सड़कों के किनारे पर फैली मिट्टी को उड़ने नहीं दे रही है। इसके लिए सुबह ही इन टैंकरों के जरिए पानी का छिड़काव किया जा रहा है।