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H1N1 Cases Rise: उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू का बढ़ा खतरा, 408 पहुंची संक्रमित मरीजों की संख्या; घर-घर होगा सर्वे

 

उत्तराखंड में H1N1 (स्वाइन फ्लू) वायरस के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश में 25 नए मामले सामने आने के बाद अब कुल संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 408 हो गई है। संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी तेज कर दी है और प्रभावित क्षेत्रों में डोर-टू-डोर सर्वे कराने की तैयारी शुरू कर दी है।

स्वास्थ्य विभाग की टीमें लोगों के घरों तक पहुंचकर संदिग्ध मरीजों की पहचान करेंगी और लक्षण मिलने पर जांच की व्यवस्था कराएंगी। अधिकारियों का कहना है कि वायरस की रोकथाम के लिए समय पर पहचान और इलाज बेहद जरूरी है।

नए मामलों के बाद बढ़ी सतर्कता

प्रदेश में H1N1 के लगातार सामने आ रहे मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों में संदिग्ध मरीजों की जांच और उपचार व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है।

विभाग की ओर से लोगों को भी सावधानी बरतने की अपील की गई है। खासतौर पर सर्दी-जुकाम, बुखार, खांसी और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है।

घर-घर जाकर मरीजों की होगी पहचान

स्वास्थ्य विभाग डोर-टू-डोर सर्वे के जरिए यह पता लगाएगा कि किन क्षेत्रों में फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीज मौजूद हैं। सर्वे के दौरान लोगों को H1N1 संक्रमण से बचाव के उपायों की जानकारी भी दी जाएगी।

अधिकारियों का कहना है कि सर्वे से संक्रमण की स्थिति का सही आकलन करने और मरीजों का समय पर इलाज शुरू करने में मदद मिलेगी।

H1N1 से बचाव के लिए सावधानी जरूरी

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, H1N1 एक संक्रामक वायरस है जो संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैल सकता है। इससे बचने के लिए लोगों को भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतने, हाथों की साफ-सफाई रखने और संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है।

इसके अलावा खांसी या छींक आने पर मुंह और नाक ढकने तथा बिना सलाह के दवाएं लेने से बचने की अपील की गई है।

स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी

प्रदेश में बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी व्यवस्था मजबूत कर दी है। अस्पतालों में जरूरी तैयारियां रखने और संदिग्ध मरीजों की जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।

विभाग का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। समय पर जांच और इलाज से H1N1 संक्रमण को नियंत्रित किया जा सकता है।