देहरादून में बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों पर ग्रीन सेस शुरू, टिमली चेकपोस्ट पर हो रही वसूली
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में बाहरी राज्यों से प्रवेश करने वाले वाहनों से ग्रीन सेस की वसूली शुरू हो गई है। टिमली चेकपोस्ट पर दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों की एंट्री के समय यह शुल्क लिया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की गई है। ग्रीन सेस की दरें वाहनों की श्रेणी के अनुसार अलग-अलग तय की गई हैं। यानी दोपहिया, कार, व्यावसायिक वाहन और भारी वाहनों के लिए शुल्क अलग होगा।
टिमली चेकपोस्ट पर शुरू हुई व्यवस्था
देहरादून में बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों की निगरानी के लिए टिमली चेकपोस्ट प्रमुख प्रवेश मार्गों में शामिल है। अब यहां वाहनों की एंट्री के दौरान ग्रीन सेस लिया जा रहा है।प्रशासन का उद्देश्य इस व्यवस्था के जरिए बढ़ते वाहन प्रदूषण को नियंत्रित करना और पर्यावरण संरक्षण के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाना है।
वाहन के हिसाब से तय है शुल्क
ग्रीन सेस की राशि वाहन के प्रकार और श्रेणी के आधार पर निर्धारित की गई है। अलग-अलग वाहनों पर अलग दरें लागू होंगी। इससे छोटे वाहनों और बड़े व्यावसायिक वाहनों के लिए शुल्क अलग-अलग रहेगा।वाहन चालकों को चेकपोस्ट पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत भुगतान करना होगा। इसके लिए संबंधित विभाग की ओर से व्यवस्था की गई है।
पर्यावरण संरक्षण के लिए उठाया गया कदम
उत्तराखंड में पर्यटन और बाहरी राज्यों से आने-जाने वाले वाहनों की संख्या अधिक रहती है। खासकर देहरादून जैसे शहरों में बढ़ते ट्रैफिक और प्रदूषण को देखते हुए ग्रीन सेस लागू किया गया है।प्रशासन का कहना है कि इससे मिलने वाली राशि का उपयोग पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े कार्यों में किया जा सकता है।
वाहन चालकों को रखना होगा ध्यान
बाहरी राज्यों से देहरादून आने वाले वाहन चालकों को अब यात्रा के दौरान ग्रीन सेस की व्यवस्था का ध्यान रखना होगा। चेकपोस्ट पर शुल्क जमा करने के बाद ही वाहनों की आगे आवाजाही होगी।नई व्यवस्था लागू होने के बाद टिमली चेकपोस्ट पर वाहनों की एंट्री प्रक्रिया में बदलाव आया है। आने वाले दिनों में इसके प्रभाव और व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी।