गोवा सेक्सटॉर्शन गैंग का मास्टरमाइंड सलमान खान गिरफ्तार: देहरादून से तीन साल बाद दबोचा गया, अमीरों को बनाता था शिकार
साइबर और संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई में पुलिस को एक अहम सफलता मिली है। गोवा में सक्रिय एक सेक्सटॉर्शन गिरोह के कथित सरगना सलमान खान को तीन साल की लंबी तलाश के बाद देहरादून से गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी पर आरोप है कि वह सुनियोजित तरीके से अमीर लोगों को निशाना बनाकर उनसे मोटी रकम वसूलता था।
पुलिस जांच के अनुसार यह गिरोह पहले सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से लोगों को अपने जाल में फंसाता था। इसके बाद युवती के माध्यम से पीड़ित को होटल में बुलाया जाता था। जैसे ही पीड़ित होटल में पहुंचता, गिरोह के अन्य सदस्य वहां छापा मारने की धमकी देते और मामले को “सामाजिक बदनामी” या “कानूनी कार्रवाई” का डर दिखाकर भारी रकम की वसूली करते थे।
जांच में सामने आया है कि आरोपी सलमान खान इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड था, जो गिरोह को निर्देश देता था और वसूली गई रकम का बड़ा हिस्सा अपने पास रखता था। पुलिस के अनुसार यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और कई राज्यों में इसकी गतिविधियों के संकेत मिले हैं।
इस मामले में Goa Police और उत्तराखंड पुलिस की संयुक्त जांच के बाद आरोपी की लोकेशन ट्रेस की गई। लगातार निगरानी और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर पुलिस ने उसे देहरादून में एक ठिकाने से गिरफ्तार किया।
अधिकारियों का कहना है कि आरोपी पिछले तीन वर्षों से पहचान बदलकर अलग-अलग शहरों में छिपता रहा। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से कई मोबाइल फोन, संदिग्ध चैट रिकॉर्ड और बैंक लेन-देन से जुड़े दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
पुलिस अब इस पूरे गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है। शुरुआती जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि गिरोह का नेटवर्क सिर्फ गोवा तक सीमित नहीं था, बल्कि अन्य राज्यों में भी इसके सदस्य सक्रिय हो सकते हैं।
साइबर अपराध विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामलों में पीड़ित अक्सर सामाजिक बदनामी के डर से शिकायत दर्ज नहीं कराते, जिससे अपराधियों को लंबे समय तक सक्रिय रहने का मौका मिल जाता है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन संपर्क या ब्लैकमेलिंग की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।
फिलहाल आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और आगे की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क को जल्द ही उजागर कर लिया जाएगा।
यह गिरफ्तारी साइबर और संगठित अपराध के खिलाफ चल रही मुहिम में एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है।