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फर्जी दस्तावेज बनाने वाला बड़ा गिरोह उजागर: गाजियाबाद साइबर थाना पुलिस की कार्रवाई, दो सगे भाई गिरफ्तार

 

साइबर अपराध और फर्जी दस्तावेजों के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई के तहत गाजियाबाद साइबर थाना पुलिस ने एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने जनसेवा केंद्र की आड़ में फर्जी आधार कार्ड और जन्म प्रमाणपत्र बनाने के मामले में हापुड़ निवासी दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी लंबे समय से जनसेवा केंद्र के नाम पर अवैध गतिविधियां चला रहे थे। जांच में सामने आया है कि दोनों भाई फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों को उपलब्ध कराते थे, जिनमें आधार कार्ड और एमसीडी से जुड़े जन्म प्रमाणपत्र शामिल हैं। यह पूरा काम एक संगठित तरीके से किया जा रहा था, जिससे सरकारी रिकॉर्ड सिस्टम की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह में डाक विभाग की एक महिला कर्मचारी की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। आरोप है कि वह दस्तावेज सत्यापन और प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी इस गिरोह तक पहुंचाने में मदद करती थी। फिलहाल उसकी भूमिका की गहन जांच की जा रही है।

साइबर थाना पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जिसके बाद छापेमारी कर दोनों भाइयों को गिरफ्तार किया गया। मौके से कई फर्जी दस्तावेज, कंप्यूटर सिस्टम, प्रिंटर और डिजिटल डेटा भी बरामद किया गया है, जिसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है।

अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह कई महीनों से सक्रिय था और फर्जी दस्तावेजों के जरिए अवैध रूप से लोगों को सरकारी सेवाओं का लाभ दिलाने का काम कर रहा था। इस नेटवर्क के जरिए कई अन्य व्यक्तियों के जुड़े होने की भी संभावना जताई जा रही है, जिसकी जांच जारी है।

पुलिस ने कहा है कि इस तरह के मामलों से सरकारी दस्तावेज प्रणाली की पारदर्शिता पर असर पड़ता है और यह गंभीर साइबर अपराध की श्रेणी में आता है। जांच टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि अब तक कितने फर्जी दस्तावेज बनाए और वितरित किए जा चुके हैं।

फिलहाल दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और पुलिस को उम्मीद है कि इस मामले में आगे और बड़े खुलासे हो सकते हैं। वहीं, विभागीय स्तर पर भी डाक कर्मचारी की भूमिका की जांच शुरू कर दी गई है।

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के अवैध नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।