गंगा नदी का पानी गर्म हो रहा है: वैज्ञानिक शोध में 16 वर्षों में 1.88°C तापमान वृद्धि का खुलासा
वैज्ञानिकों के एक ताजा शोध में चिंताजनक जानकारी सामने आई है कि पवित्र गंगा नदी का पानी लगातार गर्म हो रहा है। अध्ययन के अनुसार वर्ष 2009 से 2025 के बीच गंगा के पानी के औसत तापमान में लगभग 1.88 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि यह बढ़ोतरी केवल एक प्राकृतिक बदलाव नहीं है, बल्कि इसके पीछे जलवायु परिवर्तन, बढ़ता प्रदूषण और मानव गतिविधियों का भी बड़ा योगदान हो सकता है। तापमान में यह बदलाव नदी के पारिस्थितिक तंत्र पर गंभीर असर डाल सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, पानी के तापमान में वृद्धि से गंगा में पाए जाने वाले जलीय जीवों, खासकर मछलियों और सूक्ष्म जीवों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसके साथ ही नदी की स्वच्छता और ऑक्सीजन स्तर में भी बदलाव आने की संभावना जताई जा रही है।
वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि यदि यह प्रवृत्ति जारी रही, तो आने वाले वर्षों में गंगा के जैव विविधता तंत्र पर बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। नदी का पारिस्थितिक संतुलन बिगड़ने से इसके किनारे रहने वाले लाखों लोगों की आजीविका भी प्रभावित हो सकती है।
शोध में यह भी बताया गया है कि शहरीकरण, औद्योगिक कचरा और घरेलू प्रदूषण नदी के तापमान और गुणवत्ता दोनों को प्रभावित कर रहे हैं। इसके अलावा जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ता वैश्विक तापमान भी इस बदलाव का एक प्रमुख कारण माना जा रहा है।
पर्यावरण विशेषज्ञों ने सरकार और आम जनता दोनों से अपील की है कि गंगा की स्वच्छता और संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। इसमें प्रदूषण नियंत्रण, औद्योगिक अपशिष्ट पर सख्ती और जल संरक्षण नीतियों को प्रभावी बनाना शामिल है।
फिलहाल यह अध्ययन एक गंभीर चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है, जो गंगा के भविष्य और उसके पर्यावरणीय संतुलन को लेकर चिंता बढ़ाता है।