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चारधाम यात्रा के बीच ईंधन संकट गहराया, बदरीनाथ में पेट्रोल-डीजल पर लिमिट तय

 

Char Dham Yatra के दौरान उत्तराखंड में अब ईंधन संकट भी बड़ी चिंता बनता जा रहा है। यात्रा मार्गों पर कई पेट्रोल पंपों में पेट्रोल और डीजल की कमी की स्थिति सामने आई है। खासकर Badrinath Temple क्षेत्र में प्रशासन ने पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर लिमिट तय कर दी है ताकि उपलब्ध ईंधन का संतुलित वितरण किया जा सके।

जानकारी के अनुसार यात्रा सीजन में वाहनों की भारी संख्या बढ़ने से ईंधन की मांग अचानक काफी बढ़ गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में आपूर्ति प्रभावित होने के कारण कई पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं, जबकि कुछ पंपों में तेल खत्म होने जैसी स्थिति बन गई है।

स्थानीय प्रशासन और पेट्रोलियम कंपनियां लगातार आपूर्ति बहाल रखने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन कठिन पहाड़ी मार्गों और बढ़ती मांग के कारण दबाव बना हुआ है। बदरीनाथ क्षेत्र में वाहनों को सीमित मात्रा में ही पेट्रोल और डीजल दिए जाने की व्यवस्था लागू की गई है।

बताया जा रहा है कि Haridwar को छोड़कर उत्तराखंड के अधिकांश क्षेत्रों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें 100 रुपये प्रति लीटर से ऊपर पहुंच चुकी हैं। इससे यात्रियों और स्थानीय लोगों दोनों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है।

यात्रा मार्गों पर टैक्सी, बस और निजी वाहन चालकों को ईंधन संकट के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई यात्रियों ने लंबी दूरी तय करने से पहले अतिरिक्त ईंधन की व्यवस्था करने की कोशिश भी शुरू कर दी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि चारधाम यात्रा के दौरान हर साल वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ती है। ऐसे में ईंधन आपूर्ति, ट्रैफिक प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं की मजबूत व्यवस्था बेहद जरूरी हो जाती है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक ईंधन भंडारण न करें और जरूरत के अनुसार ही खरीदारी करें। साथ ही यात्रा पर निकलने से पहले वाहन की स्थिति और ईंधन की उपलब्धता की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।

स्थानीय व्यापारियों और होटल संचालकों का कहना है कि ईंधन संकट का असर पर्यटन और परिवहन सेवाओं पर भी पड़ सकता है। यदि जल्द आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो यात्रियों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं।

फिलहाल प्रशासन और तेल कंपनियां हालात सामान्य करने में जुटी हैं, लेकिन चारधाम यात्रा के बीच बढ़ता ईंधन संकट उत्तराखंड के लिए नई चुनौती बनकर सामने आया है।