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भारत-चीन सीमा पर सैलाब का कहर, नीति घाटी में बहा बैली ब्रिज; BRO कर्मी लापता, कई वाहन भी बहे

 

उत्तराखंड के चमोली जिले में भारत-चीन सीमा से सटी नीति घाटी में सोमवार को अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। तेज बारिश के बाद तमक नाले में अचानक पानी का बहाव बढ़ गया, जिसकी चपेट में आने से बैली ब्रिज ताश के पत्तों की तरह बह गया। सैलाब की चपेट में कई वाहनों के आने की भी सूचना है। इस घटना में सीमा सड़क संगठन यानी बीआरओ का एक कर्मचारी लापता बताया जा रहा है। आपदा के बाद इलाके में राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है।

अचानक बढ़ा नाले का जलस्तर

जानकारी के मुताबिक, नीति घाटी क्षेत्र में सोमवार को मौसम खराब हुआ और कई इलाकों में तेज बारिश हुई। इसके बाद तमक नाले में अचानक पानी का बहाव बढ़ गया। देखते ही देखते नाला उफान पर आ गया और तेज बहाव ने आसपास मौजूद संरचनाओं को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया।

तेज पानी के सामने बैली ब्रिज भी टिक नहीं सका और कुछ ही समय में वह बह गया। पुल के बहने से सीमा क्षेत्र में आवाजाही और संपर्क व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।

कई वाहन भी सैलाब में बहे

अचानक आए सैलाब की चपेट में कई वाहन भी आने की बात सामने आई है। तेज बहाव के कारण वाहन बह गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

बीआरओ की टीमें और स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। लापता कर्मचारी की तलाश के लिए राहत और बचाव दल को सक्रिय किया गया है। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण बचाव अभियान में भी चुनौतियां सामने आ रही हैं।

BRO कर्मी की तलाश जारी

घटना के बाद एक बीआरओ कर्मी के लापता होने की सूचना मिली है। उसकी तलाश के लिए अभियान चलाया जा रहा है। राहत दल नदी और नाले के आसपास के इलाकों में खोजबीन कर रहे हैं।

प्रशासन की ओर से घटना से जुड़े अन्य नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है। आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों और सीमा क्षेत्र में आवाजाही करने वालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

सीमा क्षेत्र में संपर्क प्रभावित होने की आशंका

नीति घाटी रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण इलाका है। यहां सड़क और पुल जैसी आधारभूत संरचनाएं सेना और सीमा क्षेत्र में तैनात जवानों की आवाजाही के लिए अहम होती हैं। बैली ब्रिज के बहने से क्षेत्र की कनेक्टिविटी प्रभावित हो सकती है।

बीआरओ की ओर से क्षतिग्रस्त संपर्क मार्गों और पुल की स्थिति का आकलन किया जा रहा है। मौसम सामान्य होने के बाद वैकल्पिक मार्ग और संपर्क बहाल करने के लिए काम शुरू किया जा सकता है।

पहाड़ों में बारिश से बढ़ा खतरा

उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के दौरान अचानक बाढ़, भूस्खलन और नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने का खतरा बना रहता है। नीति घाटी की घटना ने एक बार फिर संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम की चुनौती को सामने ला दिया है।

फिलहाल प्रशासन और राहत एजेंसियां लापता बीआरओ कर्मी की तलाश में जुटी हैं। साथ ही सैलाब से हुए नुकसान का जायजा लिया जा रहा है। अधिकारियों की प्राथमिकता प्रभावित क्षेत्र में फंसे लोगों की सुरक्षा और संपर्क व्यवस्था को जल्द से जल्द बहाल करना है।