बद्रीनाथ धाम चढ़ावा विवाद में पहली FIR दर्ज, निलंबित निजी सचिव पर केस; वीडियो में CM धामी बोले- ‘यह महापाप, किसी भी कीमत पर नहीं होगा बर्दाश्त’
उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे में कथित हेरफेर के मामले में पहली बड़ी आपराधिक कार्रवाई की गई है। मंदिर प्रशासन की शिकायत पर निलंबित निजी सचिव प्रमोद नौटियाल के खिलाफ बद्रीनाथ थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाई लेवल जांच समिति गठित कर 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
मंदिर अधिकारी युद्धवीर पुष्पवान की तहरीर के आधार पर दर्ज एफआईआर में प्रमोद नौटियाल पर चढ़ावे में कथित अनियमितताओं और हेरफेर से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हाई लेवल कमेटी करेगी जांच
मामले के सामने आने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे बेहद गंभीर बताते हुए उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। सरकार की ओर से गठित हाई लेवल कमेटी को 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर श्रलुओं की आस्था सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
CM धामी बोले- यह महापाप है
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पवित्र धाम के चढ़ावे में गड़बड़ी करना अत्यंत गंभीर अपराध है। उन्होंने कहा कि जो लोग ऐसे पवित्र स्थानों पर इस प्रकार का कृत्य करते हैं, उनका अपराध वैसा ही है जैसे कोई अपने माता-पिता की हत्या कर दे।मुख्यमंत्री ने इसे "महापाप" और "अक्षम्य अपराध" बताते हुए कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ जांच कराएगी और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
काल भैरव सेना के अध्यक्ष को पुलिस ने रोका
इस बीच, चढ़ावा विवाद को सार्वजनिक करने वाले काल भैरव सेना के अध्यक्ष संदीप खत्री को बुधवार को देहरादून स्थित उनके कार्यालय में पुलिस ने करीब ढाई घंटे तक नजरबंद रखा। जानकारी के अनुसार, संदीप खत्री मुख्यमंत्री को इस मामले में ज्ञापन सौंपने जा रहे थे।बताया जा रहा है कि इससे एक दिन पहले भी पुलिस उनके आवास के बाहर तैनात रही थी। हालांकि, पुलिस की ओर से इस कार्रवाई को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
जांच पर टिकी सभी की नजरें
बद्रीनाथ धाम देश के प्रमुख तीर्थस्थलों में से एक है, जहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन और चढ़ावा अर्पित करने पहुंचते हैं। ऐसे में चढ़ावे में कथित हेरफेर के आरोप सामने आने के बाद मामला काफी संवेदनशील हो गया है।अब सभी की निगाहें हाई लेवल कमेटी की जांच रिपोर्ट और पुलिस की विवेचना पर टिकी हैं। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो इस मामले में और भी लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।