उत्तरकाशी में देव डोली को लेकर विवाद: दलित ग्रामीणों में नाराजगी, धर्म परिवर्तन की चेतावनी
उत्तरकाशी में सोमेश्वर देवता की डोली को गंगोत्री धाम ले जाने की पारंपरिक यात्रा के दौरान विवाद खड़ा हो गया। मामला भराण गांव के दलित समुदाय द्वारा लाई गई देव डोली को यात्रा में शामिल नहीं किए जाने से जुड़ा है।
जानकारी के मुताबिक, सोमेश्वर देवता की डोली को गंगोत्री धाम तक ले जाने की वर्षों पुरानी परंपरा निभाई जाती है। इस धार्मिक आयोजन में आसपास के गांवों के लोग बड़ी संख्या में शामिल होते हैं। लेकिन इस बार भराण गांव के दलित समुदाय की ओर से लाई गई देव डोली को कथित तौर पर शामिल नहीं किए जाने पर विवाद बढ़ गया।
ग्रामीणों ने इस फैसले पर नाराजगी जताते हुए इसे भेदभाव बताया। विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि धार्मिक परंपराओं और आयोजनों में सभी समुदायों को समान सम्मान मिलना चाहिए।
विवाद बढ़ने के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया। नाराज ग्रामीणों ने यहां तक चेतावनी दे डाली कि यदि उनके साथ भेदभाव जारी रहा तो वे धर्म परिवर्तन जैसे कदम उठाने को मजबूर हो सकते हैं।
मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन और स्थानीय अधिकारी सक्रिय हो गए हैं। अधिकारियों द्वारा दोनों पक्षों से बातचीत कर विवाद को शांत कराने की कोशिश की जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के विवाद सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकते हैं। कई सामाजिक संगठनों ने भी मामले में संवेदनशीलता और आपसी संवाद से समाधान निकालने की अपील की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में समान भागीदारी और सम्मान सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी समुदाय में उपेक्षा की भावना पैदा न हो।
फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और क्षेत्र में शांति बनाए रखने की कोशिश की जा रही है। वहीं ग्रामीणों की मांग है कि भविष्य में सभी समुदायों को धार्मिक परंपराओं में बराबरी से शामिल किया जाए।