ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस का देशभर में प्रदर्शन, देहरादून में सचिवालय कूच के दौरान पुलिस से नोकझोंक
मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को देश के कई हिस्सों में देखने को मिला। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और हटाने की मांग की। इसी कड़ी में उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सचिवालय कूच किया।
सचिवालय से पहले पुलिस ने रोका
देहरादून में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत समेत पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हुए। कांग्रेस कार्यकर्ता पार्टी मुख्यालय से सचिवालय स्थित निर्वाचन कार्यालय की ओर बढ़े।
पुलिस ने सचिवालय पहुंचने से पहले बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच नोकझोंक हुई। कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पर चढ़कर नारेबाजी करते भी नजर आए। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद कार्यकर्ताओं ने मौके पर प्रदर्शन किया।
कांग्रेस ने उठाए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल
कांग्रेस नेताओं ने SIR और मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण से जुड़े मुद्दों को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। पार्टी का कहना है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद से इस्तीफा देना चाहिए या उन्हें हटाया जाना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता सूचियों को लेकर उठ रहे सवालों पर सरकार और चुनाव आयोग से जवाब मांगा। पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर आंदोलन आगे भी जारी रखने की बात कही है।
देश के कई राज्यों में प्रदर्शन
कांग्रेस के आह्वान पर शुक्रवार को असम, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, चंडीगढ़, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में प्रदर्शन हुए। कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हुआ, जबकि चंडीगढ़ में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। असम में कांग्रेस नेता गौरव गोगोई को पुलिस ने हिरासत में लिया।
SIR को लेकर जारी है राजनीतिक विवाद
यह विरोध प्रदर्शन मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच हुआ है। कांग्रेस ने SIR से जुड़े फैसलों और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
वहीं, चुनाव आयोग ने आंतरिक आपत्तियों को संस्थागत मतभेद के तौर पर पेश किए जाने को खारिज किया है। आयोग के अनुसार बहुसदस्यीय संवैधानिक संस्था में परिचालन संबंधी सवाल, आंतरिक प्रतिक्रिया और प्रशासनिक सुझाव सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं तथा SIR से जुड़े अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।