☰
×

BARC में कंप्यूटर इंजीनियर की नौकरी छोड़ बना संन्यासी: गंगोत्री की पहाड़ियों में बिता रहे जीवन, वीडियो में पुराने बॉस ने पूछा था- क्या पागल हो गए हो?

 

एक अच्छी नौकरी, शानदार करियर और भविष्य की तमाम संभावनाएं छोड़कर कोई व्यक्ति संन्यासी बन जाए, तो यह फैसला लोगों को हैरान कर सकता है। ऐसा ही एक मामला इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा में है। कभी भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC) में कंप्यूटर इंजीनियर के तौर पर काम करने वाले एक शख्स ने अपनी नौकरी और करियर छोड़कर गंगोत्री की पहाड़ियों में संन्यासी का जीवन अपना लिया। बीटेक और एमटेक की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने यह रास्ता चुना था।उनकी कहानी इसलिए भी लोगों का ध्यान खींच रही है, क्योंकि उन्होंने एक सुरक्षित और प्रतिष्ठित नौकरी के बजाय पहाड़ों में साधुओं के साथ रहकर आध्यात्मिक जीवन बिताने का फैसला किया। उनके इस फैसले की जानकारी जब पुराने बॉस को मिली, तो वे भी हैरान रह गए थे।

बॉस का आया फोन तो जवाब सुनकर रह गए हैरान

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/EVVfHMpXF0Q?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/EVVfHMpXF0Q/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

संन्यास लेने के बाद जब उनके पुराने बॉस ने फोन किया, तो बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी नई जिंदगी के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि अब वे पहाड़ों में साधुओं के साथ रहते हैं और संन्यासी का जीवन जी रहे हैं।यह सुनकर पुराने बॉस ने हैरानी जताते हुए पूछा, 'क्या तुम पागल हो गए हो?' दरअसल, जिस व्यक्ति ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की हो और BARC जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में नौकरी की हो, उसका अचानक सब कुछ छोड़कर संन्यास की राह चुनना किसी के लिए भी चौंकाने वाला फैसला हो सकता है।

पैसा और बड़ी पोस्ट ही जिंदगी का मकसद नहीं

संन्यासी का कहना है कि जिंदगी का मतलब केवल पैसा कमाना, अच्छी नौकरी हासिल करना या किसी बड़े पद तक पहुंचना नहीं है। उनके मुताबिक, इंसान अक्सर अपनी पूरी जिंदगी करियर, कमाई और सामाजिक प्रतिष्ठा के पीछे लगा देता है, लेकिन इस दौरान वह जीवन के असली अर्थ को समझना भूल जाता है।उन्होंने जीवन और मृत्यु का जिक्र करते हुए कहा कि जन्म और मृत्यु तय हैं, लेकिन इन दोनों के बीच इंसान को जो समय मिलता है, वही सबसे कीमती है। इसलिए व्यक्ति को यह समझना चाहिए कि वह अपना समय किस तरह बिता रहा है और उसके जीवन का वास्तविक उद्देश्य क्या है।

सोशल मीडिया पर चर्चा में आई कहानी

उनकी कहानी का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग यह जानकर हैरानी जता रहे हैं कि एक पढ़ा-लिखा इंजीनियर प्रतिष्ठित संस्थान की नौकरी छोड़कर संन्यासी बन गया। कुछ लोग उनके फैसले को त्याग और आध्यात्मिक खोज से जोड़कर देख रहे हैं, तो कुछ के लिए यह जीवन को देखने का एक अलग नजरिया है।हालांकि, हर व्यक्ति के लिए जीवन का रास्ता अलग हो सकता है। किसी के लिए नौकरी और परिवार प्राथमिकता हैं, तो कोई आध्यात्मिक शांति को अपना लक्ष्य बना सकता है। इस संन्यासी की कहानी यही सवाल खड़ा करती है कि आखिर जिंदगी में सफलता का असली अर्थ क्या है—अच्छी नौकरी और पैसा या अपने जीवन के उद्देश्य को पहचानकर उसके अनुसार जीना।