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मुख्यमंत्री धामी ने सेंट एंग्नेस स्कूल में प्रधानमंत्री के ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में की भागीदारी

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नेशविला रोड स्थित सेंट एंग्नेस स्कूल में प्रधानमंत्री के ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने छात्रों के साथ संवाद किया और उन्हें प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरा देश प्रधानमंत्री के परीक्षा पे चर्चा के नौवें संस्करण से जुड़ा हुआ है और यह आयोजन अब केवल संवाद तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि एक राष्ट्रीय आंदोलन बन चुका है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने छात्रों को यह संदेश दिया कि परीक्षा केवल जीवन की एक परीक्षा हो सकती है, लेकिन सम्पूर्ण जीवन नहीं है। उन्होंने कहा, “प्रत्येक छात्र को समझना चाहिए कि परीक्षा जीवन का एक हिस्सा है, लेकिन जीवन की संपूर्ण सफलता केवल अंक या परिणामों से तय नहीं होती। यह हमारी मेहनत, अनुशासन और सीखने की प्रक्रिया पर निर्भर करती है।”

मुख्यमंत्री ने छात्रों को आत्मविश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी देश का भविष्य है और उन्हें कठिनाइयों का सामना करते हुए लगातार आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में सकारात्मक सोच, मानसिक मजबूती और आत्मविश्वास पैदा करना है।

कार्यक्रम में छात्रों ने अपनी समस्याओं और परीक्षाओं से जुड़ी चिंताओं को साझा किया। मुख्यमंत्री ने हर सवाल का विस्तार से जवाब दिया और छात्रों को यह समझाने का प्रयास किया कि असफलता भी सीखने का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि असफलता पर निराश होना सही नहीं है, बल्कि इससे सीख लेकर आगे बढ़ना ही सफलता की कुंजी है।

सेंट एंग्नेस स्कूल के प्रधानाचार्य ने बताया कि इस कार्यक्रम में छात्रों ने बड़ी उत्सुकता के साथ भाग लिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम ने बच्चों में परीक्षा के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में मदद की है। छात्रों ने भी कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इससे उन्हें न केवल परीक्षा की तैयारी में मदद मिली, बल्कि मानसिक रूप से भी वे अधिक मजबूत महसूस कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कार्यक्रम के अंत में कहा कि यह पहल केवल छात्रों तक सीमित नहीं है। इसका प्रभाव समाज और शिक्षा व्यवस्था तक महसूस किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि शिक्षकों, अभिभावकों और समाज को भी इस आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए ताकि बच्चों में संतुलित दृष्टिकोण और आत्मविश्वास विकसित हो सके।

प्रधानमंत्री के इस पहल ने पूरे देश में परीक्षा को लेकर नकारात्मक मानसिकता को बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री धामी ने भी इसे शिक्षा क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम बताया और सभी छात्रों को निरंतर सीखते रहने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम का समापन छात्रों और शिक्षकों के बीच सकारात्मक संदेश और उत्साह के साथ हुआ। मुख्यमंत्री ने सभी को आश्वस्त किया कि सरकार युवा पीढ़ी के विकास और मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देती रहेगी।