कर्णप्रयाग में सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच झड़प, तलवारबाजी में कई घायल; बदरीनाथ यात्रा घंटों प्रभावित
उत्तराखंड के चमोली जिले के कर्णप्रयाग में सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच हुई कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई। आरोप है कि कुछ सिख श्रद्धालुओं ने तलवारों से हमला कर दिया, जिससे कई लोग घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, किसी बात को लेकर सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच पहले बहस हुई, जो देखते ही देखते झड़प में बदल गई। इस दौरान तलवारें निकलने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। मारपीट और हमले में कई लोगों को चोटें आई हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। सड़क पर हंगामे और तनावपूर्ण स्थिति के कारण बदरीनाथ यात्रा भी प्रभावित हुई। बताया जा रहा है कि यात्रा मार्ग पर यातायात बाधित होने से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा और यात्रा चार घंटे से अधिक समय तक ठप रही।
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है तथा क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना की जांच शुरू कर दी गई है। झड़प में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और उपलब्ध वीडियो फुटेज व प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है।
वहीं, यात्रा मार्ग पर स्थिति सामान्य होने के बाद वाहनों की आवाजाही दोबारा शुरू कर दी गई। प्रशासन का कहना है कि बदरीनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की समस्या से सख्ती से निपटा जाएगा।
फिलहाल, कर्णप्रयाग की इस घटना ने चारधाम यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्थाओं और भीड़ प्रबंधन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।