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उत्तराखंड में UCC नियमों में बदलाव, फ्री कोचिंग का दायरा बढ़ा; 25 प्रस्ताव मंजूर
 

 

उत्तराखंड कैबिनेट ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में 25 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इसमें यूसीसी के नियमों में संशोधन, फ्री कोचिंग योजना के लिए पारिवारिक आय सीमा 2 लाख से बढ़ाकर 8 लाख रुपये करना, सड़कों एवं पुलों के निर्माण कार्यों की एकमुश्त मंजूरी प्रक्रिया शामिल है। इसके अलावा दिव्यांग छात्रों को पासिंग मार्क्स में 5 प्रतिशत छूट, लंबित मामलों के निपटारे के लिए 'वन-टाइम सेटलमेंट' योजना पर भी मुहर लग गई।

फ्री कोचिंग का दायरा बढ़ा
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कई निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने दिव्यांग स्टूडेंटों को बोर्ड परीक्षाओं में उत्तीर्ण अंकों में 5 फीसदी की छूट देने, एससी/एसटी के छात्र-छात्राओं को फ्री कोचिंग के लिए पारिवारिक वार्षिक आय सीमा बढ़ाकर 8 लाख रुपए करने और साहसिक पर्यटन के विकास के लिए एक निगम गठित करने समेत कई निर्णय लिए।

दूर होंगी व्यावहारिक कठिनाइयां
कैबिनेट ने 'यूनिफॉर्म सिविल कोड, उत्तराखंड (संशोधन) अधिनियम, 2026' के प्रावधानों को लागू करने के लिए 'सिविल कोड (संशोधन) नियम, उत्तराखंड, 2026' को अधिसूचित करने की भी मंजूरी प्रदान की। इससे मूल कोड के कुछ प्रावधानों को लागू करने में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयां दूर होंगी। लिपिकीय गलतियों को भी सुधारा जा सकेगा। बैठक में लोक निर्माण विभाग के तहत सड़क और पुल निर्माण कार्यों की मंजूरी प्रक्रिया में बदलाव को भी मंजूरी दी गई।

अलग-अलग चरणों में मंजूरी
इसके तहत पहाड़ी ढलानों की कटाई, रिटेनिंग वॉल का निर्माण, पुलिया, नालियों और अन्य संबंधित कार्यों के लिए अलग-अलग चरणों में मंजूरी दी जाती है। अब सभी कार्यों को एक ही चरण में मंजूरी मिल जाएगी। इससे पहाड़ी ढलानों की कटाई के बाद जरूरी सुरक्षा उपाय समय पर लागू किए जा सकेंगे और सड़कों के नुकसान को कम किया जा सकेगा। कैबिनेट ने उत्तराखंड रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी में जूनियर इंजीनियरों के पे स्केल को अपग्रेड करने को मंजूरी दी।

14 मुख्य कोचों की नियुक्ति को मंजूरी
कैबिनेट ने ‘एक जिला, एक खेल’ योजना को लागू करने के लिए 14 मुख्य कोचों की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इन कोचों को 3 साल के कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त किया जाएगा। इनकी योग्यता के मानक 'स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया' की ओर से तय किए गए नियमों के अनुसार होंगे। इनको 1.45 लाख रुपये का निश्चित मासिक मानदेय दिया जाएगा। कैबिनेट ने स्टाम्प शुल्क से जुड़े लंबित मामलों के त्वरित निपटारे के लिए वन-टाइम सेटलमेंट योजना लागू करने का निर्णय लिया।