कांवड़ यात्रा को लेकर बड़ा फैसला: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर नहीं चलेगी कांवड़, दिल्ली-यूपी से लागू होंगे नियम
कांवड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर हरिद्वार में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। बैठक में तय किया गया कि इस बार कांवड़ यात्रा के दौरान दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कांवड़ यात्रियों की आवाजाही नहीं होगी। यात्रा के लिए निर्धारित मार्गों और नियमों का पालन दिल्ली और उत्तर प्रदेश की ओर से सुनिश्चित कराया जाएगा।
कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में हरिद्वार में अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें यातायात व्यवस्था, सुरक्षा इंतजाम और कांवड़ियों की आवाजाही को लेकर चर्चा की गई।
बैठक में फैसला लिया गया कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को कांवड़ यात्रा के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि एक्सप्रेसवे पर भारी यातायात और तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही को देखते हुए कांवड़ियों की सुरक्षा के लिहाज से यह निर्णय लिया गया है।
इसके अलावा कांवड़ यात्रा के दौरान लागू होने वाले नियमों की जिम्मेदारी दिल्ली और उत्तर प्रदेश प्रशासन को दी गई है। दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल बनाकर यात्रा मार्गों पर व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
प्रशासन की ओर से कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस बल की तैनाती, ट्रैफिक डायवर्जन, पार्किंग व्यवस्था और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी को लेकर भी योजना तैयार की जा रही है।
हर साल सावन महीने में लाखों की संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचते हैं और गंगाजल लेकर अपने-अपने क्षेत्रों की ओर रवाना होते हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने यातायात व्यवस्था बनाए रखना और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती होती है।
अधिकारियों ने बैठक में सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कांवड़ यात्रियों से भी अपील की गई है कि वे प्रशासन द्वारा तय नियमों का पालन करें और यात्रा के दौरान अनुशासन बनाए रखें।
फिलहाल कांवड़ यात्रा को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।