अंकिता भंडारी हत्याकांड: VIP एंगल की जांच के लिए उर्मिला सनावर का पॉलीग्राफ टेस्ट कराना चाहती है CBI, कोर्ट ने भेजा समन
उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी एंगल की जांच को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) इस मामले में अभिनेत्री उर्मिला सनावर का पॉलीग्राफ टेस्ट कराना चाहती है। इसके लिए देहरादून की अदालत ने अभिनेत्री को समन जारी किया है। जांच एजेंसी का उद्देश्य मामले से जुड़े कथित वीआईपी एंगल के बारे में सामने आए दावों और जानकारियों की पड़ताल करना है।
इस घटनाक्रम के बाद अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर चर्चा में आ गया है। मामले में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। अब सीबीआई की ओर से पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की पहल को जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
क्या है पॉलीग्राफ टेस्ट और क्यों कराना चाहती है CBI?
पॉलीग्राफ टेस्ट को आमतौर पर लाई डिटेक्टर टेस्ट भी कहा जाता है। इस प्रक्रिया में सवालों के जवाब देते समय व्यक्ति की शारीरिक प्रतिक्रियाओं, जैसे हृदय गति, रक्तचाप और सांस लेने के पैटर्न को रिकॉर्ड किया जाता है। इन प्रतिक्रियाओं के आधार पर जांच में मदद लेने की कोशिश की जाती है।
हालांकि, पॉलीग्राफ टेस्ट से यह निर्णायक रूप से साबित नहीं होता कि कोई व्यक्ति सच बोल रहा है या झूठ। इसके परिणामों की व्याख्या सावधानी से करनी होती है और इन्हें अन्य साक्ष्यों के साथ ही देखा जाता है।
इस मामले में सीबीआई अभिनेत्री उर्मिला सनावर का पॉलीग्राफ टेस्ट कराना चाहती है, ताकि कथित वीआईपी एंगल से जुड़े दावों की जांच में मदद मिल सके। अदालत की ओर से समन जारी होने के बाद अब इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?
अंकिता भंडारी उत्तराखंड के पौड़ी जिले में स्थित एक रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं। सितंबर 2022 में उनकी हत्या का मामला सामने आया था। इस घटना ने पूरे उत्तराखंड में आक्रोश पैदा कर दिया था और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठी थी।
जांच में रिसॉर्ट संचालक पुलकित आर्य और उसके दो सहयोगियों के नाम सामने आए थे। बाद में इस मामले में आरोपियों को अदालत से सजा भी सुनाई गई। इसके बावजूद कथित वीआईपी एंगल को लेकर सार्वजनिक बहस जारी रही।
कथित वीआईपी एंगल पर फिर बढ़ी नजर
अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी का मुद्दा लगातार चर्चा में रहा है। इस मामले से जुड़े अलग-अलग दावों के बीच जांच एजेंसियों के सामने तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट करने की चुनौती है।
अभिनेत्री उर्मिला सनावर का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की सीबीआई की पहल इसी संदर्भ में देखी जा रही है। हालांकि, समन जारी होना अपने आप में किसी आरोप की पुष्टि नहीं करता। मामले में सामने आने वाले तथ्यों और अदालत में होने वाली कार्यवाही के आधार पर ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
फिलहाल, इस घटनाक्रम में अदालत की प्रक्रिया और सीबीआई की जांच आगे की दिशा तय करेगी। अंकिता भंडारी के परिवार और मामले पर नजर रखने वाले लोगों की निगाहें अब जांच से जुड़े अगले कदमों पर टिकी हैं।