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अंकिता भंडारी और मोहम्मद दीपक केस के वकील को जान से मारने की धमकी, पत्र मिलने से मचा हड़कंप

 

 अंकिता भंडारी हत्याकांड और मोहम्मद दीपक प्रकरण की हाई कोर्ट में पैरवी कर रहे अधिवक्ता नवनीश नेगी को कथित तौर पर धमकी भरा पत्र मिला है। वकीलों ने मामले में कार्रवाई और एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग की है।

उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड और कोटद्वार के मोहम्मद दीपक प्रकरण की हाई कोर्ट में पैरवी कर रहे अधिवक्ता नवनीश नेगी को कथित तौर पर जान से मारने की धमकी मिली है। धमकी भरा पत्र मिलने की जानकारी सामने आने के बाद नैनीताल हाई कोर्ट के अधिवक्ताओं में आक्रोश है। वकीलों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस और सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

बताया जा रहा है कि अधिवक्ता नवनीश नेगी को एक बहुभाषीय धमकी भरा पत्र मिला है। रिपोर्ट के मुताबिक, पत्र में पहले सड़क हादसा कराने और इसके बाद हमला करने की धमकी दिए जाने का दावा किया गया है। मामले को लेकर अधिवक्ता की ओर से भवाली थाने में शिकायत दी गई है। शिकायत के साथ कथित धमकी भरा पत्र और उसका लिफाफा भी पुलिस को सौंपा गया है। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है।

वकीलों ने बुलाई बैठक

धमकी की घटना सामने आने के बाद मंगलवार को हाई कोर्ट बार सभागार में अधिवक्ताओं की बैठक हुई। बैठक में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डीसीएस रावत, महासचिव सौरभ अधिकारी समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। बैठक में घटना की निंदा करते हुए मामले में जल्द कार्रवाई की मांग उठाई गई।

अधिवक्ताओं का कहना है कि किसी केस की कानूनी पैरवी कर रहे वकील को धमकी मिलना गंभीर विषय है। उनका कहना है कि अधिवक्ताओं को बिना किसी डर के अदालत में अपने मुवक्किलों की ओर से पैरवी करने का अधिकार मिलना चाहिए। इस दौरान उत्तराखंड में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग भी उठाई गई।

एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट की मांग

बैठक में मौजूद अधिवक्ताओं ने सरकार से उत्तराखंड में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग की। वकीलों ने कहा कि राजस्थान, केरल और झारखंड की तर्ज पर राज्य में भी ऐसा कानून होना चाहिए, जिससे अधिवक्ताओं को धमकी या दबाव की स्थिति में कानूनी सुरक्षा मिल सके।

अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर पहले भी उत्तराखंड में कानूनी और सामाजिक स्तर पर काफी चर्चा रही है। इस मामले में अदालतों