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चारधाम यात्रा के पहले 5 हफ्तों में 91 तीर्थयात्रियों की मौत, स्वास्थ्य और ऊंचाई बनी बड़ी वजह

 

उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की मौत के मामले लगातार चिंता बढ़ा रहे हैं। यात्रा शुरू होने के पहले पांच हफ्तों में ही 91 तीर्थयात्रियों की मौत हो चुकी है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, ज्यादातर मौतों की वजह हार्ट अटैक, सांस लेने में दिक्कत, हाई ब्लड प्रेशर और ऊंचाई वाले इलाकों में स्वास्थ्य बिगड़ना रही है।

चारधाम यात्रा में हर साल लाखों श्रद्धालु केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम पहुंचते हैं। इस बार भी बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। लेकिन कठिन मौसम, ऊंचाई और लंबी पैदल यात्रा कई श्रद्धालुओं के लिए भारी साबित हो रही है। खासतौर पर बुजुर्ग और पहले से बीमार लोगों को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, कई श्रद्धालु बिना मेडिकल जांच के यात्रा पर निकल रहे हैं। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन का स्तर कम होने से दिल और सांस संबंधी मरीजों की हालत अचानक बिगड़ जाती है। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर लगातार चढ़ाई और ठंडा मौसम भी जोखिम बढ़ा रहा है। कई मामलों में श्रद्धालुओं को सीने में दर्द, सांस फूलने और थकावट की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी।

डॉक्टरों का कहना है कि जिन लोगों को हृदय रोग, डायबिटीज, अस्थमा या हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियां हैं, उन्हें यात्रा से पहले पूरी स्वास्थ्य जांच जरूर करानी चाहिए। यात्रा के दौरान पर्याप्त आराम, पानी और जरूरी दवाइयां साथ रखना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार, अचानक ज्यादा ऊंचाई पर पहुंचने से शरीर को वातावरण के अनुसार ढलने में समय लगता है। ऐसे में लापरवाही जानलेवा हो सकती है।

राज्य सरकार और प्रशासन ने बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य व्यवस्थाएं मजबूत करने का दावा किया है। यात्रा मार्गों पर मेडिकल कैंप, एंबुलेंस और डॉक्टरों की तैनाती बढ़ाई गई है। कई जगह ऑक्सीजन सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य संबंधी एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी जा रही है।

प्रशासन लगातार यह अपील भी कर रहा है कि बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोग डॉक्टर की सलाह के बिना यात्रा न करें। साथ ही मौसम खराब होने या शरीर में कमजोरी महसूस होने पर यात्रा रोकने की सलाह दी गई है।

चारधाम यात्रा उत्तराखंड की आस्था और पर्यटन से जुड़ी सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में से एक मानी जाती है। लेकिन हर साल बड़ी संख्या में होने वाली मौतें यह सवाल भी खड़ा करती हैं कि क्या श्रद्धालु पर्याप्त तैयारी के साथ यात्रा पर निकल रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक उत्साह के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा को भी उतनी ही प्राथमिकता देना जरूरी है, ताकि यात्रा सुरक्षित और सफल बन सके।