धामी कैबिनेट के 24 बड़े फैसले: युवाओं को AI-ड्रोन ट्रेनिंग, पहाड़ों में सोलर प्लांट और पट्टेदारों को भूमिधरी अधिकार
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में चंपावत जिले के बनबसा में हुई कैबिनेट बैठक में 24 अहम फैसलों पर मुहर लगी। इन फैसलों में युवाओं के कौशल विकास, रोजगार, सौर ऊर्जा, भूमि अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल हैं। राज्य गठन के बाद पहली बार जिलास्तर पर बनबसा में कैबिनेट बैठक आयोजित की गई, जिसमें सरकार ने खासतौर पर पहाड़ी क्षेत्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर जोर दिया।
युवाओं के लिए 200 करोड़ की कौशल विकास योजना
कैबिनेट ने अगले पांच साल के लिए मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना को मंजूरी दी है। इस योजना पर 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके जरिए उच्च शिक्षा हासिल कर रहे करीब 1.19 लाख युवाओं को पढ़ाई के साथ रोजगार से जुड़े आधुनिक कौशल का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है।
युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, ड्रोन टेक्नोलॉजी, जीआईएस मैपिंग और डिजिटल मार्केटिंग जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा मशरूम उत्पादन, इको-टूरिज्म, सोलर पैनल मेंटेनेंस और वर्कप्लेस इंग्लिश जैसे रोजगारपरक पाठ्यक्रम भी शामिल किए गए हैं। प्रशिक्षण ऑनलाइन, ऑफलाइन और हाइब्रिड माध्यम से कराया जाएगा।
पहाड़ों में खाली जमीन पर लगेंगे सोलर प्लांट
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना को आगे बढ़ाने पर भी सहमति दी है। योजना के तहत पहाड़ी क्षेत्रों की खाली और बंजर जमीन पर सोलर प्लांट लगाने को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार का फोकस खासतौर पर उन पर्वतीय जिलों पर रहेगा, जहां पहले चरण में अपेक्षाकृत कम सोलर प्लांट लगाए गए हैं।
चमोली, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ जैसे जिलों में अतिरिक्त अवसर उपलब्ध कराने की योजना है। पहले चरण में राज्य में 250 मेगावाट का लक्ष्य रखा गया था, जिसके मुकाबले करीब 210 मेगावाट क्षमता के प्लांट लगाए जा चुके हैं।
पट्टेदारों को मिलेगा भूमिधरी अधिकार
कैबिनेट का एक अहम फैसला जमीन से जुड़े लोगों के लिए है। वर्ग-3 और वर्ग-4 की जमीन के पट्टेदारों को भूमिधरी अधिकार देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा कुछ स्थानीय क्षेत्रों में पट्टेदारों और कब्जाधारकों से जुड़े भूमि अधिकारों को लेकर भी निर्णय लिए गए हैं। इन फैसलों से लंबे समय से जमीन पर अधिकार को लेकर इंतजार कर रहे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टरों के मानदेय में बढ़ोतरी
सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजिडेंट, जूनियर रेजिडेंट और डेमोंस्ट्रेटर के वेतन एवं मानदेय के पुनर्निर्धारण को भी मंजूरी दी गई। सरकार का उद्देश्य मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों की उपलब्धता और चिकित्सा सेवाओं को बेहतर करना है।
निजी विश्वविद्यालय और अन्य फैसले भी शामिल
कैबिनेट ने निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना से जुड़े मानकों में संशोधन को भी मंजूरी दी है। पर्वतीय क्षेत्रों में निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए निर्मित क्षेत्र से जुड़े मानकों में बदलाव किया गया है। इसके साथ ही पंतनगर एयरपोर्ट विस्तार, वन भूमि हस्तांतरण के लिए परियोजना प्रबंधन इकाई, कर्मचारियों की खरीद सीमा और पशुपालन से जुड़ी सब्सिडी सहित कई अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
बनबसा की इस बैठक के जरिए सरकार ने युवाओं के कौशल विकास, पहाड़ी क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार तथा भूमि अधिकार जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देने का संकेत दिया है। अब इन फैसलों के लागू होने के बाद इनके वास्तविक प्रभाव पर नजर रहेगी।