केदारनाथ में 156 दिन में 15.45 लाख श्रद्धालु, फुटेज में देंखे 250 टन कचरा फैला; सफाई में जुटे 450 से ज्यादा कर्मचारी
केदारनाथ धाम की 2026 यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच कचरे की समस्या भी सामने आई है। 156 दिनों की यात्रा अवधि में 15.45 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने के दौरान करीब 250 टन कचरा जमा हुआ है। यात्रा मार्ग और धाम क्षेत्र में जमा इस कचरे को हटाने के लिए सफाई अभियान लगातार जारी है।गौरीकुंड से केदारनाथ धाम तक करीब 16 किलोमीटर लंबे पैदल मार्ग पर जगह-जगह प्लास्टिक की पन्नियां, पैकेजिंग सामग्री और खाने-पीने की चीजों का कचरा नजर आ रहा है। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण सफाई व्यवस्था पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ा है।
पिछले साल की तुलना में कई गुना ज्यादा कचरा
केदारनाथ नगर पंचायत और सुलभ इंटरनेशनल की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, 2025 की पूरी यात्रा अवधि में करीब 21.40 टन कचरा निकला था। इस साल 250 टन के आसपास कचरा सामने आया है, जो पिछले साल के आंकड़े से 10.7 गुना से भी ज्यादा है।कचरे की इतनी बड़ी मात्रा के चलते यात्रा मार्ग से लेकर केदारनाथ धाम तक सफाई कर्मचारियों को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ रही है। प्रशासन और संबंधित संस्थाओं की ओर से कचरे को हटाने का काम लगातार किया जा रहा है।
450 से ज्यादा कर्मचारी सफाई में जुटे
हालात को देखते हुए 450 से ज्यादा कर्मचारियों को कूड़ा उठाने और सफाई अभियान में लगाया गया है। इनमें सुलभ इंटरनेशनल, नगर पंचायत और जिला पंचायत के कर्मचारी शामिल हैं।कर्मचारी पैदल मार्ग के अलग-अलग हिस्सों से प्लास्टिक, खाने-पीने की पैकेजिंग और अन्य कचरा एकत्र कर उसे निर्धारित स्थानों तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं।
श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ बढ़ी चुनौती
केदारनाथ धाम में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस साल 156 दिनों में 15.45 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने से यात्रा मार्ग पर सफाई व्यवस्था के सामने बड़ी चुनौती पैदा हुई है।कचरे की बढ़ती मात्रा पर्यावरण और हिमालयी क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए चिंता का विषय भी है। ऐसे में यात्रा मार्ग पर कचरा न फैलाने और प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करने के लिए श्रद्धालुओं से लगातार अपील की जा रही है। सफाई अभियान पूरा होने के बाद यात्रा मार्ग और धाम क्षेत्र से जमा कचरे को निर्धारित प्रक्रिया के तहत निस्तारित किया जाएगा।