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31 मिनट में 10 विधेयक पास; उत्तराखंड विधानसभा सत्र के आखिरी दिन ग्रुप फोटो का भी बहिष्कार, क्या-क्या हुआ
 

 

ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में मौजूदा सरकार का अंतिम विधानसभा सत्र आरंभ से अवसान तक सत्ता-विपक्ष की तकरार में उलझा रहा। दस विधेयक पारित हुए, लेकिन मुद्दों पर सार्थक चर्चा की राह नहीं खुली। सदन में संवाद की जगह टकराव और सहमति की जगह खींचतान हावी रही। अब 2027 के विधानसभा चुनाव के बाद ही सदन फिर गुलजार होगा। परंपरा के मुताबिक, बुधवार को सत्र के अंतिम दिन विधायकों की ग्रुप फोटो होनी थी, लेकिन विपक्ष ने बहिष्कार कर दिया। विपक्षी विधायक सदन की सीढ़ियों पर धरने पर बैठ गए। उन्हें मनाने की कोशिशें भी हुईं, मान-मनुहार का दौर भी चला, लेकिन तकरार की दीवार नहीं ढही। आखिरकार, सत्र का समापन भी तल्खी और तनातनी के बीच हुआ।

10 मिनट में 31 विधेयक पास

विपक्ष के हंगामे के बीच विधानसभा में बुधवार को अनुपूरक बजट समेत दस विधेयक 31 मिनट में पारित हो गए। इसके साथ ही विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया।

विपक्ष काम रोको प्रस्ताव पर अड़ा

काम रोको प्रस्ताव के लिए विपक्ष को अड़ा देख विस अध्यक्ष ने सरकार को विधेयकों पर चर्चा की अनुमति दी। दोपहर 12.35 बजे संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल,धन सिंह रावत आदि ने बारी-बारी से विभागवार विधेयकों को पारित करने की अनुमति मांगी। इस पर विस अध्यक्ष ने ध्वनिमत से सदन की सहमति मिलने पर विधेयक पारित कर दिए। दोपहर 1.06 बजे तक सभी दस विधेयक पारित कर दिए गए। विपक्ष को शांत न होता देख विस अध्यक्ष ने सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा भी कर दी।

सदन स्थगित होने के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अनुपूरक बजट में राज्य के विकास को गति देने और प्रत्येक वर्ग की सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई। विपक्ष नकारात्मक राजनीतिक कर रहा है।

विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ा प्रश्नकाल और शून्यकाल

भ्रष्टाचार पर काम रोको प्रस्ताव के तहत चर्चा कराने की मांग तत्काल स्वीकार न होने पर विपक्ष ने सदन में जमकर हंगामा किया। कांग्रेस विधायकों ने जहां विस अध्यक्ष के आसन की ओर काले रूमाल लहराए। वहीं, विधानसभा सचिवालय से मिली कार्यसूचियों को फाड़ कर सदन में फेंक दिया। यही नहीं विपक्ष ने विधानसभा सचिव की मेज पलटने की भी कोशिश की।

हंगामे का नतीजा यह हुआ कि न तो प्रश्नकाल ही हो पाया और शून्यकाल भी हंगामे की भेंट चढ़ गया। तीन बार कार्यवाही स्थगित करने के बावजूद विपक्ष के तेवर शांत न होते देख विस अध्यक्ष ने सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। हंगामे की शुरुआत सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू होने के साथ ही हो गई।

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर काम रोको प्रस्ताव के तहत चर्चा की मांग की। अध्यक्ष के तरजीह न देने पर विपक्षी विधायक वेल में आकर नारेबाजी करने लगे। हालांकि, बाद में विस अध्यक्ष ने नियम 58 की अन्य सूचनाओं का भी हवाला दिया, लेकिन विपक्षी विधायक शांत नहीं हुए। विपक्ष के हंगामे के कारण बार-बार कार्यवाही स्थगित होने से प्रश्नकाल और शून्यकाल जैसी महत्वपूर्ण कार्यवाही भी नहीं हो पाई।

उत्तराखंड में 23 लाख पीवीसी राशनकार्ड बने

विधायक प्रीतम सिंह पंवार के सवाल पर मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि राज्य में अब तक 22.95 लाख राशनकार्ड पीवीसी में बदले जा चुके हैं। सॉफ्टवेयर अपग्रेड के बाद एक मई से नए राशनकार्ड बनाने, यूनिट जोड़ने और आयुष्मान कार्ड के लिए डेटा उपलब्ध कराने की सुविधा भी शुरू हो गई है।

पीआरडी का मानदेय बढ़ाने पर विचार

सदन में विधायक प्रीतम सिंह पंवार के सवाल पर मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि पीआरडी स्वयंसेवकों को होमगार्ड की तर्ज पर मानदेय देने पर विचार चल रहा है। इसके लिए परीक्षण कराया जा रहा है। पीआरडी स्वयंसेवक मानदेय वृद्धि समेत अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

सूचना नहीं मिलने पर विधायक डोभाल खफा

विधायक संजय डोभाल के सवाल पर मंत्री भरत चौधरी ने बताया कि चिन्यालीसौड़ में बादसी-पुजारगांव से खांड तक डामरीकरण कार्य के लिए अभी अनुबंध नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने देवता की डोली के साथ पूजा-अर्चना की थी, जिसकी जानकारी विभागीय अधिकारियों को दी गई थी।