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अमरोहा में कांवड़ यात्रा को लेकर हाईवे पर जीरो ट्रैफिक प्लान लागू, 11 अगस्त तक वाहनों की एंट्री बंद

 

सावन की कांवड़ यात्रा को देखते हुए अमरोहा में प्रशासन ने हाईवे पर जीरो ट्रैफिक प्लान लागू कर दिया है। यह व्यवस्था रविवार सुबह 9 बजे से शुरू होकर 11 अगस्त यानी शिवरात्रि की रात 8 बजे तक प्रभावी रहेगी। प्लान का मुख्य उद्देश्य कांवड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ ही उनकी निर्बाध आवाजाही बनाए रखना है।

कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार से गंगाजल लेकर बड़ी संख्या में शिवभक्त अमरोहा से होकर गुजरते हैं। कांवड़ियों की बढ़ती संख्या और हाईवे पर भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। जीरो ट्रैफिक प्लान के तहत कांवड़ मार्ग पर सामान्य वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया जाएगा।

प्रशासन का मानना है कि कांवड़ियों की संख्या बढ़ने के साथ हाईवे पर वाहनों का दबाव दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए कांवड़ियों के लिए मार्ग को अधिक सुरक्षित और सुगम बनाने की योजना तैयार की गई है। इस दौरान पुलिस और यातायात विभाग की टीमें प्रमुख स्थानों पर तैनात रहेंगी।

जीरो ट्रैफिक व्यवस्था लागू होने के बाद हाईवे पर चलने वाले सामान्य वाहनों को निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से गुजारा जा सकता है। वाहन चालकों को प्रशासन की ओर से जारी रूट डायवर्जन और यातायात संबंधी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

कांवड़ यात्रा के दौरान अमरोहा में बड़ी संख्या में शिवभक्तों के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया है। प्रमुख कांवड़ मार्गों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ-साथ निगरानी के लिए अन्य व्यवस्थाएं भी की गई हैं।

प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे कांवड़ यात्रा के दौरान अनावश्यक रूप से कांवड़ मार्ग पर वाहन लेकर न जाएं। जरूरी यात्रा करने वाले लोग पहले से अपने रूट की जानकारी लेकर निकलें, ताकि उन्हें रास्ते में परेशानी का सामना न करना पड़े।

जीरो ट्रैफिक प्लान 11 अगस्त की रात 8 बजे तक जारी रहेगा। इसके बाद परिस्थितियों के अनुसार यातायात व्यवस्था को सामान्य किया जाएगा। प्रशासन लगातार कांवड़ मार्ग की स्थिति पर नजर रखेगा और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त इंतजाम किए जाएंगे।

अमरोहा में लागू की गई यह व्यवस्था कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रशासन का लक्ष्य है कि लाखों की संख्या में आने वाले कांवड़िए बिना किसी बाधा के अपनी यात्रा पूरी कर सकें और आम लोगों को भी यातायात संबंधी परेशानी कम से कम हो।