अतीक जिस कसारी-मसारी में दफन, उसका नाम योगी ने बदला:बोले- ये कसाइयों जैसा लगता था; गरीबों के लिए 602 फ्लैट बनेंगे, VIDEO
उत्तर प्रदेश में प्रयागराज के कसारी-मसारी इलाके का नाम बदलने और गरीबों के लिए 602 फ्लैट बनाने की घोषणा को लेकर चर्चा तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नाम को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह कसाइयों जैसा लगता था। इसी इलाके में माफिया अतीक अहमद को दफनाया गया था। नाम बदलने के साथ ही गरीब परिवारों के लिए आवास उपलब्ध कराने की योजना भी चर्चा में है।
कसारी-मसारी अब ‘श्रीकृपुरी’ के नाम से विकसित होगा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 अक्टूबर को प्रयागराज में घोषणा की कि कसारी-मसारी इलाके को अब ‘श्रीकृष्णपुरी’ के नाम से विकसित किया जाएगा। उन्होंने नाम पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह कसाइयों जैसा लगता था। यह इलाका कभी अतीक अहमद के प्रभाव वाले क्षेत्र के रूप में जाना जाता था।
माफिया से मुक्त कराई गई जमीन पर बनेंगे 602 फ्लैट
इस इलाके में माफिया अतीक अहमद और उसके सहयोगियों के कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन पर गरीब परिवारों के लिए आवासीय परियोजना शुरू की गई है। मुख्यमंत्री ने ‘पद्म लोक अपार्टमेंट’ योजना का भूमि पूजन किया। पहले चरण में 602 फ्लैट बनाए जाने हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रयागराज विकास प्राधिकरण की इस परियोजना में 14 मंजिला आवासीय इमारत प्रस्तावित है। प्रत्येक फ्लैट में दो बेडरूम, हॉल और किचन की व्यवस्था होगी। योजना का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराना है।
इलाके में होंगी बुनियादी सुविधाएं
प्रस्तावित विकास योजना में आवास के साथ बाजार, पार्क और खेलकूद जैसी सुविधाएं विकसित करने की भी बात सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार, व्यापक योजना में कुल 1,200 परिवारों के लिए आवास तैयार करने की योजना है, जिसमें 602 फ्लैट पहले चरण में बनाए जाएंगे।
योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में माफिया के खिलाफ कार्रवाई और सरकारी जमीन को जनकल्याण के लिए इस्तेमाल करने की बात कही। सरकार की योजना है कि पहले माफिया के प्रभाव से जुड़े रहे इस इलाके की पहचान आवास और विकास परियोजनाओं से बने।फिलहाल, कसारी-मसारी को श्रीकृष्णपुरी के नाम से विकसित करने की घोषणा और 602 फ्लैट की योजना इस कार्यक्रम के प्रमुख बिंदु रहे। आवासों के आवंटन, पात्रता और निर्माण पूरा होने की समय-सीमा से जुड़ी विस्तृत जानकारी संबंधित प्राधिकरण की ओर से जारी की जानी बाकी है।