योगी आदित्यनाथ का सिंगापुर-जापान दौरा: निवेश और तकनीक के क्षेत्र में यूपी के लिए मील का पत्थर
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हाल ही में सिंगापुर और जापान का दौरा निवेश, तकनीक और वैश्विक साझेदारी के लिहाज से अभूतपूर्व रूप से सफल रहा। इस दौरे ने उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और तकनीकी विकास की दिशा में नई संभावनाओं को जन्म दिया है।
सूत्रों के मुताबिक, दोनों देशों में आयोजित निवेश संवादों और बैठक में कुल ₹1.5 लाख करोड़ के समझौता पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए, जबकि ₹2.5 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। ये निवेश प्रस्ताव विभिन्न क्षेत्रों में हैं, जिनमें औद्योगिक पार्क, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट, तकनीकी स्टार्टअप्स, हरित ऊर्जा और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह दौरा उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेशकों और तकनीकी कंपनियों के साथ जोड़ने में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि इस दौरे के परिणाम यूपी को वर्ष 2029-30 तक वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।
सिंगापुर में मुख्यमंत्री ने विशेष निवेश संगोष्ठियों में हिस्सा लिया और वहां की कंपनियों को उत्तर प्रदेश के उद्योग, टेक्नोलॉजी और इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में भागीदारी के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि यूपी में निवेशकों के लिए सरल नीतियां और तेज़ निर्णय प्रक्रिया सुनिश्चित की गई है।
जापान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्च तकनीक उद्योग, मैग्लेव ट्रेन, स्मार्ट सिटी और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में तकनीकी सहयोग के लिए कई समझौते किए। जापानी कंपनियों ने उत्तर प्रदेश में तकनीकी पार्क और अनुसंधान केंद्र स्थापित करने में रुचि दिखाई। उन्होंने कहा कि यह सहयोग न केवल रोजगार के अवसर बढ़ाएगा, बल्कि राज्य को वैश्विक तकनीकी मानचित्र पर स्थापित करेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरे के दौरान हुए निवेश और एमओयू उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास की दिशा में अत्यंत सकारात्मक संकेत हैं। उन्होंने बताया कि जब विदेशी निवेश और तकनीकी सहयोग का लाभ सही तरीके से स्थानीय उद्योगों और स्टार्टअप्स तक पहुंचेगा, तो राज्य में रोजगार, उत्पादन और निर्यात में तेजी आएगी।
यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उत्तर प्रदेश अब वैश्विक निवेश और तकनीकी नवाचार के केंद्र के रूप में उभर रहा है। उन्होंने जोर दिया कि राज्य सरकार का फोकस निवेशकों के लिए सरल और पारदर्शी नीतियां लागू करना, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करना और रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
राज्य सरकार के सूत्रों ने बताया कि अगले कुछ महीनों में इन एमओयू और निवेश प्रस्तावों को मूर्त रूप देने के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसमें विशेष तौर पर स्मार्ट सिटी, ग्रीन एनर्जी और डिजिटल टेक्नोलॉजी सेक्टर को प्राथमिकता दी जाएगी।
इस दौरे ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेशकों और तकनीकी कंपनियों के लिए आकर्षक गंतव्य बन रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह प्रयास न केवल निवेश को बढ़ावा देगा, बल्कि राज्य को वैश्विक आर्थिक मानचित्र पर स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण साबित होगा।