वाराणसी में महिला दरोगा की दबंगई: फरियादी को थाने में जड़े 5 थप्पड़, वीडियो वायरल होने पर निलंबित
उत्तर प्रदेश के वाराणसी से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करने वाली एक घटना सामने आई है। यहां चौबेपुर थाने में तैनात एक महिला दरोगा ने शिकायत लेकर पहुंची फरियादी की बात सुनने के बजाय उसके साथ मारपीट कर दी। दरोगा ने महिला से कहा, "तुम्हारी रोज-रोज की शिकायत से तंग आ चुकी हूं, आज तेरा इलाज करती हूं।" इसके बाद उसने कुछ ही सेकेंड में महिला को कई थप्पड़ जड़ दिए।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई की।
8 सेकेंड में जड़े 5 थप्पड़
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, फरियादी महिला अपनी शिकायत लेकर थाने पहुंची थी। इसी दौरान किसी बात को लेकर महिला दरोगा का गुस्सा भड़क गया और उन्होंने फरियादी पर थप्पड़ों की बारिश कर दी। बताया जा रहा है कि महज 8 सेकेंड के भीतर महिला को 5 थप्पड़ मारे गए।
थाने में मौजूद अन्य लोगों ने बीच-बचाव कर किसी तरह मामला शांत कराया।
जमीन विवाद की शिकायत लेकर पहुंची थी महिला
जानकारी के मुताबिक, पीड़िता एक दलित महिला है, जिसने अपनी आबादी की जमीन पर कथित कब्जे की शिकायत पुलिस से की थी। आरोप है कि शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर वह दोबारा थाने पहुंची थी, जहां उसके साथ यह घटना हुई।
वीडियो वायरल होते ही हुई कार्रवाई
घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से तूल पकड़ने लगा। पुलिस अधिकारियों ने पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित महिला दरोगा को तत्काल निलंबित कर दिया।
साथ ही मामले की विभागीय जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल
इस घटना के बाद पुलिस के व्यवहार और फरियादियों के साथ होने वाले रवैये को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आम लोगों का कहना है कि थाने न्याय की उम्मीद लेकर पहुंचने वाले लोगों के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है।
निष्पक्ष जांच का भरोसा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। यदि जांच में महिला दरोगा की गलती साबित होती है तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वाराणसी की यह घटना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। लोगों का कहना है कि पुलिस की जिम्मेदारी फरियादियों की समस्याएं सुनकर उनका समाधान करना है, न कि उनके साथ अभद्र व्यवहार करना। अब सभी की नजर विभागीय जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।