मैनपुरी में जमीन हड़पने के लिए मृत व्यक्ति को जिंदा दिखाने का आरोप, महिला की जमानत याचिका खारिज
उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में जमीन हड़पने के लिए मृत व्यक्ति को जिंदा दिखाकर फर्जी दस्तावेज तैयार करने का मामला सामने आया है। मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी महिला विमला देवी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने इस प्रकरण को गंभीर आर्थिक अपराध और आपराधिक साजिश से जुड़ा मामला मानते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया।
जानकारी के मुताबिक, आरोप है कि जमीन पर कब्जा करने के उद्देश्य से मृत व्यक्ति के नाम और पहचान का गलत इस्तेमाल किया गया। फर्जीवाड़े के जरिए जमीन के दस्तावेजों में हेरफेर करने की कोशिश की गई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
अदालत ने माना गंभीर अपराध
जिला एवं सत्र न्यायालय में आरोपी महिला विमला देवी की ओर से जमानत याचिका दाखिल की गई थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने मामले से जुड़े तथ्यों को रखा और आरोपों की गंभीरता बताई।अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला गंभीर आर्थिक अपराध और आपराधिक षड्यंत्र से जुड़ा प्रतीत होता है। ऐसे मामलों में जांच प्रभावित होने की संभावना को देखते हुए आरोपी को जमानत देना उचित नहीं है।
फर्जीवाड़े से जमीन कब्जाने का आरोप
पुलिस जांच में सामने आया कि जमीन से जुड़े रिकॉर्ड में कथित रूप से फर्जी तरीके से बदलाव करने की कोशिश की गई। मृत व्यक्ति को जीवित दिखाकर जमीन के अधिकारों में हेरफेर करने का आरोप लगाया गया है।मामले में दस्तावेजों की जांच की जा रही है और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जमीन विवादों में बढ़ रहे फर्जीवाड़े के मामले
जमीन से जुड़े विवादों में फर्जी दस्तावेज, गलत पहचान और रिकॉर्ड में हेरफेर के मामले लगातार सामने आते रहते हैं। ऐसे मामलों में आरोपी अक्सर लंबे समय बाद पुलिस की पकड़ में आते हैं। प्रशासन और न्यायालय भी इस तरह के मामलों को गंभीरता से ले रहे हैं।मैनपुरी के इस मामले में अदालत के फैसले के बाद अब जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर नजर है। पुलिस अन्य आरोपियों और फर्जीवाड़े में इस्तेमाल किए गए दस्तावेजों की जांच कर रही है। वहीं, पीड़ित पक्ष को न्याय मिलने की उम्मीद है।