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आपस में टकराईं हवाएं तो चली आंधी, बरसे मेघा, 13 तक मौसम रहेगा खुशनुमा

 

बंगाल की खाड़ी, अरब सागर और पश्चिमी विक्षोभ से आने वाली विभिन्न हवाएं एक-दूसरे से टकरा गईं। इससे विभिन्न मौसमी गतिविधियां एक-दूसरे से प्रभावित हुईं और मौसम में परिवर्तन हुआ। हवा की गति बढ़ गई, तूफान आया और बेमौसम बारिश हुई। सीएसए मौसम वेधशाला की रिपोर्ट के अनुसार कानपुर क्षेत्र में 7.4 मिमी बारिश हुई। तेज हवाओं का असर 13 अप्रैल तक रहने की संभावना है। इससे बादलों की आवाजाही बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है।

गुरुवार की सुबह बादलों ने गरज और बिजली के साथ बारिश शुरू कर दी। कानपुर क्षेत्र में तेज हवाएं चलने से बादलों की संख्या बढ़ गई। बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया। पिछले दो-तीन दिनों से बढ़ रही गर्मी अब कम हो गई है, लेकिन अधिकतम तापमान पर कोई खास असर नहीं पड़ा है। दिन का तापमान सामान्य से 2.2 डिग्री अधिक था। मौसम में आए बदलाव के कारण रात के तापमान में 5.4 डिग्री की गिरावट आई। फिर भी यह सामान्य औसत से 1.1 डिग्री अधिक था। सीएसए के मौसम विभाग के तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि अगले तीन दिनों तक हल्की बारिश का अनुमान है।

वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. एस.एन. सुनील पांडे ने बताया कि बंगाल की खाड़ी पर बना कम दबाव का क्षेत्र अभी भी सक्रिय है। इसके कारण चक्रवाती हवाओं का घेरा बन गया है। पश्चिमी राजस्थान और आसपास के इलाकों में एक और चक्रवाती तूफान आया है। इसके अलावा, कई स्थानों पर बादलों की एक श्रृंखला बनती है। कानपुर क्षेत्र में बादलों की आवाजाही और छिटपुट बूंदाबांदी के साथ हल्की बारिश और स्थानीय धूप निकलने की संभावना है।

बिजली कटौती से उद्योगों को भारी नुकसान
तूफान के कारण कई इलाकों में पेड़ तारों पर गिर गए। जिसके कारण छह से सात घंटे तक बिजली बंद रही। औद्योगिक क्षेत्रों में सुबह 6.30 बजे बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, जो दोपहर 2 बजे बहाल हुई। इसके कारण सुबह की पाली में उद्योगों में उत्पादन ठप रहा।