करोड़पति कारोबारी के बेटे ने नौकर को क्यों नहीं पहचाना: कानपुर में 309 कॉल कीं, 3 बार साथ घूमा; बेटे पर शक गहराने की 5 वजह
कानपुर के करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, परिवार के भीतर के रिश्तों और पूर्व नौकर से संपर्क की कड़ियां भी जांच के घेरे में आ रही हैं। 5 सितंबर की रात विनीत मिनोचा की उनके फ्लैट में चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस के मुताबिक, हमलावरों ने उन पर 26 से ज्यादा वार किए थे।
शुरुआत में शक बाहरी हमलावरों पर था, लेकिन CCTV और मोबाइल कॉल डिटेल की जांच ने कहानी को दूसरी दिशा में मोड़ दिया। अब मृतक के बेटे सुब्रत और पूर्व कर्मचारी विशाल गौतम के बीच लगातार संपर्क पुलिस के लिए अहम सवाल बन गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, सुब्रत ने विशाल से करीब तीन महीने में 300 बार बातचीत की, जबकि शालू की भी उससे कई बार बात हुई। दूसरी जांच में शालू और विशाल के बीच 1 मई से हत्या वाले दिन तक करीब 309 संपर्क बताए गए हैं।
1. बेटे और पूर्व नौकर के बीच इतनी बातचीत क्यों?
पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस विशाल को परिवार का पूर्व कर्मचारी बताया जा रहा है, उससे सुब्रत की इतनी लंबी बातचीत किस वजह से होती थी। सर्विलांस रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों के बीच करीब 300 बार संपर्क हुआ।
यह संख्या सामान्य संपर्क से कहीं ज्यादा होने के कारण जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ये बातचीत कब-कब हुईं और हत्या से पहले या बाद में इनके पैटर्न में कोई बदलाव आया था या नहीं।
2. दावा- बेटे ने नौकर को पहचानने से किया इनकार
मामले का एक और पेचीदा पहलू यह है कि विशाल परिवार के यहां पहले काम कर चुका था। ऐसे में उसका अपार्टमेंट में आना-जाना पूरी तरह अनजान गतिविधि नहीं थी।
जांच में यह सवाल भी उठ रहा है कि अगर सुब्रत और विशाल के बीच इतनी बार बातचीत हुई थी, तो फिर हत्या के बाद या घटना से जुड़े घटनाक्रम में उसे पहचानने को लेकर स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं रही। पुलिस इसी विरोधाभास की जांच कर रही है।
3. तीन बार साथ घूमने की बात ने बढ़ाया शक
जांच में यह पहलू भी सामने आया है कि सुब्रत और विशाल के बीच केवल फोन पर बातचीत ही नहीं थी, बल्कि दोनों के साथ घूमने की बात भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि दोनों तीन बार साथ रहे या घूमे थे।
अगर यह बात जांच में पुष्ट होती है तो पुलिस के लिए यह महत्वपूर्ण सुराग हो सकता है, क्योंकि इससे दोनों के बीच सामान्य नियोक्ता-कर्मचारी संबंध से आगे की नजदीकी की जांच का आधार बनता है।
4. शालू और विशाल की 309 बार बातचीत
इस हत्याकांड में सुब्रत के साथ उनकी पत्नी शालू का नाम भी पुलिस जांच में आया है। Aaj Tak की रिपोर्ट के मुताबिक, शालू और विशाल के बीच 1 मई से हत्या वाले दिन तक करीब 309 बार संपर्क हुआ। इसमें सामान्य फोन और WhatsApp कॉल शामिल बताए गए हैं।
पुलिस को शालू और विशाल के बीच बातचीत के 49 डिलीट मैसेज भी मिले हैं। अब इन संदेशों को तकनीकी मदद से रिकवर करने की कोशिश की जा रही है। अगर इनमें हत्या की कथित साजिश या वारदात से जुड़ी बातचीत मिलती है तो जांच को अहम दिशा मिल सकती है।
5. CCTV में दिखे पूर्व कर्मचारी और उसका साथी
हत्या के बाद पुलिस ने रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट के CCTV फुटेज खंगाले। जांच में विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर के फ्लैट की तरफ आने-जाने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस ने दोनों की तलाश शुरू की।
पुलिस के मुताबिक, दोनों को बाद में मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में पुलिस ने दावा किया कि दोनों ने वारदात में शामिल होने और शालू के कहने पर हत्या करने की बात बताई। हालांकि, इस दावे की न्यायिक प्रक्रिया में पुष्टि होना अभी बाकी है।
26 से ज्यादा चाकू के वार, फिर भी कई सवाल बाकी
विनीत मिनोचा की हत्या उस समय हुई जब वह फ्लैट में अकेले थे। रविवार सुबह करीब चार बजे बेटा और बहू पार्टी से लौटे, तब हत्या की जानकारी सामने आई। कारोबारी के शरीर पर 26 से ज्यादा चाकू के वार किए जाने की बात जांच में सामने आई है।
अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर बेटे सुब्रत और पूर्व कर्मचारी विशाल के बीच इतनी बातचीत क्यों होती थी? क्या यह महज पुराना परिचय था या हत्या से पहले किसी योजना का हिस्सा? 309 संपर्क, डिलीट मैसेज, कथित मुलाकातें और CCTV फुटेज—इन सभी कड़ियों को जोड़कर पुलिस पूरी सच्चाई तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। फिलहाल बेटे की भूमिका को लेकर उठ रहे सवाल जांच का हिस्सा हैं, इन्हें अपराध सिद्ध होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता।