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मेरा बच्चा कहां है..." 6 साल के आव्यान की मौत से टूटा परिवार, 3 दिन बाद भी बेटे को पुकार रही मां

 

नोएडा में 6 वर्षीय मासूम आव्यान की दर्दनाक मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। 15 फीट गहरे गड्ढे में गिरने से हुई इस हादसे के तीन दिन बाद भी परिवार सदमे से उबर नहीं पाया है। सबसे ज्यादा बुरा हाल उसकी मां का है, जो बार-बार सिर्फ एक ही बात दोहरा रही है—"मेरा बच्चा कहां है... कोई मेरे बच्चे को ला दो..."। बेटे की मौत के गम ने मां को इस कदर तोड़ दिया है कि वह अब भी यकीन नहीं कर पा रही कि उसका लाल हमेशा के लिए उससे दूर हो चुका है।

बताया जा रहा है कि यह दर्दनाक हादसा उस समय हुआ, जब मासूम आव्यान खेलते-खेलते एक खुले और करीब 15 फीट गहरे गड्ढे के पास पहुंच गया। अचानक उसका संतुलन बिगड़ा और वह गड्ढे में गिर गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव की कोशिश की और पुलिस व राहत टीम को सूचना दी।

रेस्क्यू टीम ने काफी मशक्कत के बाद बच्चे को बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस खबर के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पूरे इलाके में मातम का माहौल है और हर किसी की आंखें नम हैं।

आव्यान की मां की हालत सबसे ज्यादा खराब बताई जा रही है। परिजनों के मुताबिक, वह पिछले तीन दिनों से लगातार अपने बेटे को याद कर रही हैं और बार-बार यही कह रही हैं, "मेरा बच्चा कहां है... कोई मेरे बच्चे को वापस ला दो..."। परिवार के अन्य सदस्य भी उन्हें संभालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बेटे की याद उन्हें हर पल रुला रही है।

इस घटना ने एक बार फिर निर्माण स्थलों और खुले गड्ढों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि गड्ढे को समय रहते ढका जाता या उसके चारों ओर सुरक्षा बैरिकेड लगाए जाते, तो शायद यह हादसा टल सकता था। लोगों ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए सख्त सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि सुरक्षा मानकों में कहीं लापरवाही तो नहीं बरती गई। यदि जांच में किसी की जिम्मेदारी तय होती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

यह हादसा सिर्फ एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है। खुले गड्ढे, अधूरे निर्माण कार्य और सुरक्षा मानकों की अनदेखी कभी भी किसी मासूम की जान ले सकती है। आव्यान अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसकी दर्दनाक मौत यह सवाल जरूर छोड़ गई है कि आखिर ऐसी लापरवाही की कीमत कब तक मासूम बच्चों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ेगी।