☰
×

शादी की तारीख बदली तो होटल ने नहीं लौटाए एडवांस, अब ब्याज समेत रकम देने का आदेश
 

 

प्रयागराज में शादी की तारीख बदलने के बाद होटल और इवेंट आयोजक द्वारा एडवांस रकम वापस नहीं करने का मामला सामने आया है। रकम वापस पाने के लिए दुल्हन पक्ष को उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाना पड़ा। मामले की सुनवाई के बाद जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने होटल और इवेंट आयोजक को सेवा में कमी का जिम्मेदार माना और एडवांस रकम ब्याज समेत लौटाने का आदेश दिया।

1.25 लाख रुपये होटल में जमा किए थे

मामला प्रयागराज के एडीए कॉलोनी, नैनी निवासी स्वाति मिश्रा से जुड़ा है। उन्होंने अपनी शादी के लिए सिविल लाइंस स्थित होटल इलाहाबाद रिजेंसी में 28 नवंबर 2016 की बुकिंग कराई थी। इसके लिए होटल के खाते में 1.25 लाख रुपये एडवांस के तौर पर जमा किए गए थे।

होटल की सिफारिश पर शादी के इवेंट के लिए श्री गणेश इवेंट ऑर्गेनाइजेशन को भी 25 हजार रुपये दिए गए थे। बाद में अपरिहार्य कारणों से शादी की तारीख बदलकर 3 दिसंबर 2016 करनी पड़ी। इसकी जानकारी होटल और इवेंट आयोजक को दी गई और एडवांस रकम को नई तारीख के लिए समायोजित करने का अनुरोध किया गया।

नई तारीख पर बुकिंग एडजस्ट नहीं हुई

शिकायत के अनुसार, होटल और इवेंट आयोजक ने नई तारीख के लिए रकम समायोजित नहीं की। इसके बाद स्वाति ने एडवांस राशि वापस मांगी, लेकिन उन्हें पैसा नहीं लौटाया गया। कई बार अनुरोध के बावजूद रकम वापस नहीं मिलने पर उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दाखिल की।

आयोग के अध्यक्ष मोहम्मद इब्राहीम और सदस्य प्रकाश चंद्र त्रिपाठी ने मामले की सुनवाई की। आयोग ने होटल के खिलाफ शिकायत को आंशिक रूप से स्वीकार किया, जबकि इवेंट आयोजक के खिलाफ एकपक्षीय फैसला सुनाया।

8 फीसदी ब्याज भी देना होगा

आयोग ने होटल को 1.25 लाख रुपये की मूल रकम पर शिकायत दाखिल करने की तारीख से भुगतान होने तक 8 प्रतिशत सालाना साधारण ब्याज देने का आदेश दिया है। वहीं इवेंट आयोजक को 25 हजार रुपये पर इसी दर से ब्याज देना होगा।

इसके अलावा होटल और इवेंट आयोजक को अलग-अलग 10-10 हजार रुपये आर्थिक एवं मानसिक क्षतिपूर्ति के रूप में और 5-5 हजार रुपये मुकदमे के खर्च के तौर पर देने होंगे। आयोग ने आदेश की तारीख से दो महीने के भीतर भुगतान करने का निर्देश दिया है।

उपभोक्ता आयोग ने सेवा में कमी मानी

आयोग के फैसले से यह स्पष्ट है कि केवल एडवांस राशि ले लेना और बाद में उपभोक्ता की परिस्थितियों में बदलाव होने पर बिना उचित आधार के रकम रोक लेना विवाद का कारण बन सकता है। इस मामले में आयोग ने होटल और इवेंट आयोजक की सेवा में कमी मानते हुए उपभोक्ता को राहत दी।

यह फैसला उन लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण है जो शादी, पार्टी या अन्य कार्यक्रमों के लिए होटल और इवेंट कंपनियों को बड़ी रकम एडवांस में देते हैं। बुकिंग से जुड़े दस्तावेज, भुगतान की रसीद और कैंसिलेशन या तारीख बदलने से संबंधित बातचीत का रिकॉर्ड संभालकर रखना भविष्य में कानूनी विवाद की स्थिति में उपयोगी हो सकता है।