प्रयागराज में 5 फीट तक भरा पानी, बारिश ने खोली ड्रेनेज सिस्टम की पोल; बड़े नालों पर अवैध निर्माण बने मुसीबत
प्रयागराज में लगातार बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में हालात बिगड़ गए हैं। कई जगहों पर 5 फीट तक पानी भर गया है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बीते 72 घंटों में हुई 205 मिमी बारिश के बाद शहर की जलनिकासी व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। हालात यह हैं कि सड़कों से लेकर घरों तक पानी पहुंच गया है और लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश के बाद सामने आए जलभराव ने शहर के ड्रेनेज सिस्टम की कमियों को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बड़े नालों पर हुए अवैध निर्माण और अतिक्रमण के कारण पानी की निकासी प्रभावित हुई है। इसके चलते थोड़ी ही देर की तेज बारिश के बाद भी कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन जाती है।
निचले इलाकों में सबसे ज्यादा असर
प्रयागराज के कई निचले इलाकों में बारिश का पानी जमा हो गया है। कई घरों के ग्राउंड फ्लोर तक पानी पहुंचने की शिकायतें सामने आई हैं। लोगों को जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों पर रखने के लिए मजबूर होना पड़ा।
जलभराव के कारण बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। कई इलाकों में सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ।
ड्रेनेज व्यवस्था पर उठे सवाल
शहर में जलभराव की स्थिति के बाद नगर निगम की जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि नालों की नियमित सफाई और अतिक्रमण हटाने पर ध्यान नहीं दिया गया, जिसका खामियाजा बारिश के समय आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बड़े नालों का रास्ता बाधित होने से बारिश का पानी तेजी से नहीं निकल पाता। यही वजह है कि भारी बारिश के बाद कई इलाकों में पानी लंबे समय तक जमा रहता है।
अवैध निर्माण बने बड़ी वजह
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बड़े नालों और जलनिकासी मार्गों पर अवैध निर्माण हो चुके हैं। इन निर्माणों के कारण पानी के बहाव में रुकावट आती है और शहर में जलभराव की समस्या बढ़ जाती है।
प्रशासन की ओर से समय-समय पर अतिक्रमण हटाने के अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
बारिश के बाद प्रशासन और नगर निगम की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय हो गई हैं। जलभराव वाले इलाकों में पानी निकालने के लिए पंप लगाए जा रहे हैं और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि जलनिकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। वहीं, लोगों ने मांग की है कि सिर्फ बारिश के समय नहीं बल्कि पूरे साल नालों की सफाई और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाए।
फिलहाल प्रयागराज में बारिश से पैदा हुई जलभराव की समस्या ने शहर की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 205 मिमी बारिश के बाद कई इलाकों में 5 फीट तक पानी भरना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।