वाराणसी में 70 लाख की धोखाधड़ी का आरोपी 5 साल बाद गुरुग्राम से गिरफ्तार, 25 हजार रुपये का इनाम था घोषित
वाराणसी जिले की कैंट पुलिस ने गुरुग्राम से 70 लाख रुपये की धोखाधड़ी और गबन के मामले में पांच साल से वांछित चल रहे आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपी सौरभ गुप्ता, जो पेशे से अकाउंटेंट है, पर कैंट पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनामी घोषित किया हुआ था।
कैंट इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा ने बताया कि सौरभ गुप्ता पर अर्दली बाजार स्थित सुविधा साड़ी से 70 लाख रुपये की धोखाधड़ी और गबन करने का आरोप था। इस मामले में आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस उसे पकड़ने के लिए लगातार खोजबीन कर रही थी। गुरुग्राम पुलिस के साथ मिलकर किए गए संयुक्त अभियान के बाद उसे गिरफ्तार किया गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सौरभ गुप्ता ने बैंक और वित्तीय लेनदेन में अपने अधिकार का दुरुपयोग करते हुए व्यापारिक संस्थान से करोड़ों रुपये की हेराफेरी की थी। आरोपी की पहचान तकनीकी सर्विलांस और पुराने दस्तावेजों के आधार पर की गई। इस कार्रवाई में कैंट पुलिस की टीम ने गुरुग्राम में आरोपी की गतिविधियों पर लंबे समय तक नजर रखी।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को तुरंत वाराणसी लाया गया, जहां उसे कानूनी प्रक्रिया के तहत अदालत में पेश किया जाएगा। इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और अन्य सहयोगियों या मामले में शामिल व्यक्तियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस का दावा है कि इस गिरफ्तारी से वाराणसी में बड़े वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में कानूनी कार्रवाई को मजबूती मिलेगी। साथ ही, ऐसे आरोपियों को यह संदेश भी मिलेगा कि लंबे समय तक फरार रहना अब आसान नहीं है और न्याय की नजर हमेशा उनके ऊपर बनी रहती है।
स्थानीय व्यापारियों और आम लोगों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि लंबे समय से ऐसे वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी न होने से व्यापारिक माहौल में अविश्वास फैलता था। इस गिरफ्तारी के बाद लोगों को उम्मीद है कि भविष्य में वित्तीय धोखाधड़ी और गबन के मामलों में पुलिस तेजी से कार्रवाई करेगी।
इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा ने यह भी बताया कि सौरभ गुप्ता के खिलाफ दर्ज मामला गंभीरता से जांचा जाएगा और उसके सभी वित्तीय लेनदेन का भी रिकार्ड खंगाला जाएगा, ताकि उसके द्वारा किए गए गबन और धोखाधड़ी की पूरी रकम की रिकवरी संभव हो सके।
पुलिस अधिकारी यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि न्यायालय प्रक्रिया के दौरान आरोपी को किसी भी तरह की सुरक्षा और निगरानी में रखा जाएगा। सौरभ गुप्ता की गिरफ्तारी वाराणसी पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, जिसने पाँच साल से चल रहे वांछित अपराधी की तलाश को अंततः सफल बनाया।
इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि धन और सत्ता का दुरुपयोग करने वाले अपराधी किसी भी हाल में पुलिस की नजर से बच नहीं सकते। इसके साथ ही, वाराणसी पुलिस ने यह भी संदेश दिया है कि वित्तीय अपराधों में लगे आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई तेजी से और प्रभावी तरीके से की जाएगी।