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यूपी में बढ़ेगा इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा, योगी कैबिनेट ने नई ई-बसों की खरीद को दी मंजूरी

 

उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और बेहतर बनाने की दिशा में योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) के बस बेड़े को बढ़ाने के लिए नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।

सरकार के इस फैसले का उद्देश्य प्रदेश में यात्रियों को बेहतर, सुविधाजनक और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है। नई इलेक्ट्रिक बसों के शामिल होने से जहां यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी, वहीं प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी।

पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा

योगी सरकार लगातार प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। इसी कड़ी में यूपीएसआरटीसी के बेड़े में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने का फैसला किया गया है। सरकार का मानना है कि इलेक्ट्रिक बसें डीजल बसों की तुलना में कम प्रदूषण करती हैं और शहरी क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सुधारने में मददगार साबित होंगी।

नई बसों के संचालन से खासकर बड़े शहरों और व्यस्त रूटों पर यात्रियों को बेहतर परिवहन विकल्प मिलने की उम्मीद है।

यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

नई इलेक्ट्रिक बसों में यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक तकनीक और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे यात्रा अधिक आरामदायक और सुरक्षित बनाने का प्रयास किया जाएगा।

यूपीएसआरटीसी लंबे समय से अपने बस बेड़े को आधुनिक बनाने की दिशा में काम कर रहा है। इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ने से परिवहन निगम की सेवाओं में सुधार आने की संभावना है।

बस बेड़े के विस्तार पर सरकार का फोकस

उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ती आबादी और यात्री संख्या को देखते हुए परिवहन सुविधाओं के विस्तार की जरूरत महसूस की जा रही है। सरकार की योजना है कि प्रदेश के ज्यादा से ज्यादा क्षेत्रों में बेहतर बस सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।

कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब इलेक्ट्रिक बसों की खरीद प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। अधिकारियों के अनुसार, इससे प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और यात्रियों को सुरक्षित व सुविधाजनक सफर का विकल्प मिलेगा।

योगी सरकार का यह फैसला प्रदेश में हरित परिवहन को बढ़ावा देने और आधुनिक यातायात व्यवस्था विकसित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।