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यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग की परीक्षा पर उठे सवाल, 125 में से 33 प्रश्न गलत मिलने का कोर्ट में खुलासा

 

इलाहाबाद हाईकोर्ट में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान परीक्षा प्रक्रिया को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की अदालत में आदित्य कुमार सिंह व 17 अन्य मामलों की सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि आयोग की ओर से आयोजित परीक्षा में पूछे गए कुल 125 प्रश्नों में से 33 प्रश्न गलत पाए गए हैं।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से परीक्षा में प्रश्नों की गुणवत्ता और उत्तरों को लेकर आपत्ति जताई गई। अदालत को जानकारी दी गई कि प्रश्नपत्र में बड़ी संख्या में प्रश्न त्रुटिपूर्ण थे, जिसके कारण अभ्यर्थियों के परिणाम और चयन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

मामले में पक्षकारों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े तथ्यों पर गौर किया। कोर्ट में यह मुद्दा उठाया गया कि यदि प्रश्नपत्र में इतने अधिक प्रश्न गलत हैं तो इसका सीधा असर परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों के प्रदर्शन पर पड़ता है और निष्पक्ष चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़े होते हैं।

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि परीक्षा में पूछे गए गलत प्रश्नों के कारण अभ्यर्थियों को नुकसान हुआ है। उन्होंने अदालत से मांग की है कि मामले में उचित कार्रवाई की जाए, ताकि प्रभावित अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा हो सके।

वहीं, शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से भी मामले में अपना पक्ष रखा गया। कोर्ट अब परीक्षा प्रक्रिया, प्रश्नों की शुद्धता और मूल्यांकन से जुड़े सभी पहलुओं पर विचार कर रहा है।

गौरतलब है कि सरकारी भर्तियों में परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर अभ्यर्थी लगातार सवाल उठाते रहे हैं। प्रश्नपत्र में गलतियों के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं, जिन पर न्यायालयों ने समय-समय पर हस्तक्षेप किया है।

फिलहाल इस मामले में हाईकोर्ट की सुनवाई जारी है। अदालत के अगले आदेश पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इसका असर बड़ी संख्या में परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों और चयन प्रक्रिया पर पड़ सकता है।