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यूपी कैबिनेट बैठक पर टिकी निगाहें: पंचायत चुनाव, मेट्रो विस्तार और कैशलेस इलाज पर बड़े फैसलों की संभावना; सियासी बयानबाजी तेज

 

उत्तर प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक फैसलों के लिहाज से आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लखनऊ में होने वाली राज्य कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा और मंजूरी की संभावना है। बैठक में पंचायत चुनाव, मेट्रो परियोजनाओं और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े बड़े फैसले एजेंडे में शामिल बताए जा रहे हैं।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, बैठक में सबसे अहम मुद्दों में पंचायत चुनाव में पिछड़ा वर्ग आरक्षण को लेकर “समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग” के गठन का प्रस्ताव शामिल है। इस आयोग का उद्देश्य स्थानीय निकाय चुनावों में आरक्षण व्यवस्था को लेकर स्पष्ट सिफारिशें देना होगा, जिससे चुनावी प्रक्रिया को लेकर चल रही अनिश्चितता खत्म हो सकती है।

इसके अलावा लखनऊ और आगरा मेट्रो विस्तार परियोजनाओं को लेकर भूमि आवंटन और एमओयू को मंजूरी मिलने की संभावना है। इन परियोजनाओं को राज्य के शहरी परिवहन ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

बैठक में लोकतंत्र सेनानियों के लिए कैशलेस इलाज सुविधा पर भी मुहर लग सकती है, जिससे आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोगों को सरकारी और चयनित अस्पतालों में मुफ्त इलाज का लाभ मिल सकेगा।

इसी बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार की नीतियों और प्रधानमंत्री की हालिया अपील को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी कंपनियों से “कमीशन के चक्कर” में नीतिगत फैसले लिए जा रहे हैं और इससे आम लोगों पर असर पड़ रहा है।

हालांकि, इन आरोपों पर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस बयान के बाद हलचल तेज हो गई है।

विश्लेषकों का कहना है कि आज की कैबिनेट बैठक केवल प्रशासनिक फैसलों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके राजनीतिक प्रभाव भी दूरगामी हो सकते हैं। पंचायत चुनाव और मेट्रो परियोजनाओं जैसे मुद्दे राज्य की विकास और चुनावी दिशा दोनों को प्रभावित कर सकते हैं।

फिलहाल सभी की नजरें कैबिनेट बैठक के नतीजों पर टिकी हैं, जिनका आधिकारिक ऐलान आज शाम तक होने की संभावना है।