यूपी भाजपा ने किसान, महिला और एसटी मोर्चा के जिलाध्यक्ष किए घोषित, महिला मोर्चा में सभी क्षेत्रों में नियुक्तियां
उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने संगठन को मजबूत करने की दिशा में किसान, महिला और अनुसूचित जनजाति (एसटी) मोर्चा के जिलाध्यक्षों की घोषणा की है। इन नियुक्तियों के जरिए पार्टी ने अलग-अलग वर्गों के बीच संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने की तैयारी की है। महिला मोर्चा में सभी क्षेत्रों में नियुक्तियां की गई हैं, जबकि एसटी मोर्चा में फिलहाल तीन क्षेत्रों में ही टीम घोषित की गई है।
पार्टी की ओर से की गई इन नियुक्तियों को आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जिलाध्यक्षों की जिम्मेदारी संबंधित क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय बनाने, संगठन की योजनाओं को आगे बढ़ाने और जनसंपर्क गतिविधियों को मजबूत करने की होगी।
महिला मोर्चा में सभी क्षेत्रों में नियुक्तियां
भाजपा महिला मोर्चा में सभी क्षेत्रों में जिलाध्यक्षों की नियुक्तियां की गई हैं। इसके जरिए पार्टी महिला कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक जिम्मेदारियां सौंपकर उनकी भागीदारी बढ़ाने पर जोर दे रही है।
महिला मोर्चा की पदाधिकारियों की जिम्मेदारी महिला मतदाताओं और कार्यकर्ताओं के बीच संपर्क मजबूत करना, पार्टी के कार्यक्रमों का आयोजन करना और केंद्र तथा राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाना हो सकती है। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर महिलाओं से जुड़े मुद्दों को संगठन के सामने रखने में भी उनकी भूमिका अहम रहेगी।
किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष भी घोषित
भाजपा ने किसान मोर्चा के जिलाध्यक्षों की भी घोषणा की है। उत्तर प्रदेश में किसानों से जुड़े मुद्दे राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में किसान मोर्चा की टीम के जरिए पार्टी ग्रामीण क्षेत्रों में संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने पर ध्यान दे सकती है।
किसान मोर्चा के पदाधिकारियों के सामने किसानों के बीच जनसंपर्क बढ़ाने, संगठन के कार्यक्रमों को संचालित करने और कृषि से जुड़े मुद्दों पर संवाद स्थापित करने की जिम्मेदारी रहेगी।
एसटी मोर्चा में तीन क्षेत्रों में बनी टीम
अनुसूचित जनजाति मोर्चा में फिलहाल तीन क्षेत्रों में ही टीम घोषित की गई है। अन्य क्षेत्रों में नियुक्तियों को लेकर अभी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। एसटी मोर्चा की नियुक्तियों के जरिए संबंधित क्षेत्रों में जनजातीय समुदायों के बीच संगठन की गतिविधियों को आगे बढ़ाने पर ध्यान दिया जाएगा।
इस मोर्चे के पदाधिकारियों की जिम्मेदारी जनजातीय समुदायों से संपर्क बढ़ाने, उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं को समझने तथा संगठन के कार्यक्रमों में भागीदारी सुनिश्चित करने की होगी।
संगठन को मजबूत करने पर भाजपा का जोर
तीनों मोर्चों में जिलाध्यक्षों की घोषणा को भाजपा की संगठनात्मक कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। अलग-अलग सामाजिक वर्गों के लिए बनाए गए मोर्चे पार्टी और स्थानीय समुदायों के बीच संपर्क स्थापित करने में भूमिका निभाते हैं।
हालांकि, घोषित जिलाध्यक्षों के नामों, क्षेत्रों और नियुक्तियों की पूरी सूची उपलब्ध नहीं होने के कारण यहां उनका अलग-अलग उल्लेख नहीं किया गया है। विस्तृत सूची सामने आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि किन जिलों में किसे जिम्मेदारी सौंपी गई है और किन क्षेत्रों में नियुक्तियां अभी बाकी हैं।