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बागपत में करंट लगने से चाचा-भतीजे की मौत, लोहे का गेट बंद करते समय हुआ हादसा

 

बागपत के खट्टा प्रहलादपुर गांव में बुधवार रात दर्दनाक हादसे में करंट लगने से चाचा-भतीजे की मौत हो गई। चाचा मकान का लोहे का गेट बंद कर रहे थे, तभी वे बिजली के करंट की चपेट में आ गए। उन्हें बचाने के लिए भतीजा दौड़ा, लेकिन वह भी करंट की चपेट में आ गया। हादसे के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई।

परिवार के लोग आनन-फानन में दोनों को अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद गांव में शोक का माहौल है।

लोहे का गेट बंद करते समय चाचा को लगा करंट

जानकारी के अनुसार, घटना बुधवार रात खट्टा प्रहलादपुर गांव में हुई। चाचा अपने मकान का लोहे का गेट बंद कर रहे थे। इसी दौरान गेट में करंट उतर आया और वे उसकी चपेट में आ गए। करंट लगने के बाद वे मौके पर ही फंस गए।

चाचा को करंट से छटपटाते देख भतीजा उन्हें बचाने के लिए आगे बढ़ा। उसने चाचा को बचाने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान वह भी बिजली के करंट की चपेट में आ गया। देखते ही देखते दोनों गंभीर रूप से झुलस गए।

अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

हादसे के बाद परिवार के लोग दोनों को तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे। उन्हें उम्मीद थी कि समय रहते इलाज मिलने से उनकी जान बचाई जा सकेगी, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिवार में मातम छा गया।

एक ही परिवार के दो सदस्यों की अचानक मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग भी घटना से स्तब्ध हैं। चाचा को बचाने की कोशिश में भतीजे की भी जान चली गई।

करंट उतरने के कारणों की जानकारी नहीं

फिलहाल उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मकान के लोहे के गेट में करंट किस वजह से आया था। बिजली की वायरिंग में खराबी या किसी अन्य कारण की पुष्टि भी नहीं हुई है। घटना के बाद हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी सामने आना बाकी है।

इस हादसे ने एक बार फिर घरों में बिजली के उपकरणों, तारों और लोहे के दरवाजों के आसपास सुरक्षा बरतने की जरूरत को सामने ला दिया है। बिजली के संपर्क में आए व्यक्ति को सीधे छूने के बजाय सबसे पहले बिजली की सप्लाई बंद करना जरूरी होता है, ताकि बचाव की कोशिश में कोई दूसरा व्यक्ति भी करंट की चपेट में न आए।