संतकबीरनगर में 1 किलो से अधिक चरस के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, पुलिस ने भेजा जेल
उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। खलीलाबाद कोतवाली पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने शुक्रवार शाम करीब 5 बजे कार्रवाई करते हुए दो कथित चरस तस्करों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1 किलो 45 ग्राम अवैध चरस बरामद की है। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के प्रयासों से जोड़कर देखा जा रहा है। संयुक्त टीम ने आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की है।
पुलिस और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, संतकबीरनगर में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में खलीलाबाद कोतवाली पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। शुक्रवार शाम करीब 5 बजे टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से 1 किलो 45 ग्राम चरस बरामद हुई। पुलिस ने मादक पदार्थ को कब्जे में लेकर आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की। इसके बाद दोनों को जेल भेज दिया गया।
तस्करी के नेटवर्क की जांच की संभावना
मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में बरामदगी के साथ यह पता लगाना भी महत्वपूर्ण होता है कि नशीले पदार्थ कहां से लाए गए थे और इन्हें किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। इस मामले में भी जांच के जरिए तस्करी से जुड़े अन्य तथ्यों का पता लगाया जा सकता है।
हालांकि, फिलहाल उपलब्ध जानकारी में गिरफ्तार आरोपियों के नाम, उनकी उम्र, चरस की सप्लाई के स्रोत और इसे कहां ले जाने की योजना थी, इसका विस्तृत विवरण सामने नहीं आया है। इन पहलुओं पर आधिकारिक जानकारी मिलने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
नशे के खिलाफ अभियान जारी
पुलिस की ओर से मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान चलाकर आरोपियों की धरपकड़ की जा रही है। चरस जैसे नशीले पदार्थों की अवैध खरीद-बिक्री पर रोक लगाने के लिए पुलिस की कार्रवाई अहम मानी जाती है।
संतकबीरनगर में खलीलाबाद कोतवाली पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम की इस कार्रवाई में दो आरोपियों की गिरफ्तारी और 1 किलो 45 ग्राम चरस की बरामदगी हुई है। दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जांच और पुलिस के आधिकारिक बयान के बाद सामने आ सकेगी।