बदायूं में केमिकल मिलाकर शराब पीने से दो लोगों की मौत, एक की हालत गंभीर
उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के उझानी कोतवाली क्षेत्र के वरामयखेड़ा गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना ने ग्रामीणों और प्रशासन को हैरान कर दिया है। यहां कुछ लोगों ने कथित रूप से शराब में दूध में इस्तेमाल होने वाले केमिकल मिलाकर पी लिया, जिससे दो की मौत हो गई और एक की हालत गंभीर है। पहली जानकारी के बाद से ही इलाके में अफरा‑तफरी और प्रशासनिक सतर्कता बढ़ गई है।
घटना के अनुसार, दामोदर (50), कामेश (55) तथा यसपाल नामक तीन ग्रामीणों ने मिलकर शराब पी थी, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर किसी केमिकल को मिलाया था जो सामान्यतया दूध में उपयोग होने वाला बताया जा रहा है। शराब पीने के कुछ ही समय बाद तीनों की तबीयत खराब होने लगी। उन्हें अचानक उल्टी, सांस में तकलीफ और बेहोशी जैसी समस्या होने लगी, जिसे देख परिजन घबरा उठे।
परिजन उन्हें लेकर पास के एक निजी अस्पताल पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद दामोदर और कामेश को मृत घोषित कर दिया, जबकि यसपाल की हालत गंभीर होने के कारण उसे अस्पताल में भर्ती रखा गया है। गंभीर स्थिति में उसकी हालत पर चिकित्सकों की पैनी नजर बनी हुई है।
इस हादसे के बाद गांव में मातम का माहौल है। मृतकों में से एक के परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव को घर ले जाकर अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी, जबकि दूसरे मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है। परिवार और गांव के लोगों में इस घटना को लेकर गहरी चिंता और आक्रोश देखा जा रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी अवनीश कुमार राय और पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा तुरंत अस्पताल पहुंचे और उन्होंने घायल यसपाल की स्थिति का जायजा लिया। दोनों अधिकारियों ने चिकित्सकों को बेहतर उपचार देने के निर्देश दिए और मामले की गंभीरता से जांच करने का आश्वासन दिया।
पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और शुरुआती पड़ताल में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर यह केमिकल किस प्रकार की सामग्री थी, यह कहाँ से आया, और क्या यह जानबूझकर शराब में मिलाया गया या गलती से हुआ। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इस मामले में किसी तीसरे व्यक्ति या गिरोह की भूमिका तो नहीं है।
घटना ने एक बार फिर अवैध और जहरीली शराब के खतरों को उजागर किया है। देश भर में नकली और मिलावटी शराब के मामले समय‑समय पर सामने आते रहते हैं, जिनमें कई लोगों की मौतें भी हो चुकी हैं। इन मामलों में अक्सर ऐसा केमिकल शामिल पाया जाता है, जो इंसानी स्वास्थ्य के लिए बेहद जहरीला होता है और कम मात्रा में भी गंभीर परिणाम दे सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार नकली शराब में मिलने वाला मेथनॉल या अन्य केमिकल्स खतरनाक रूप से विषैला साबित होता है, और इससे आंखों की रोशनी चली जाना, लीवर या किडनी को नुकसान और यहां तक कि मौत जैसी स्थितियां हो सकती हैं।
बदायूं प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और शराब से जुड़े सभी अवैध कारोबार पर निगरानी और बढ़ा दी जाएगी। इस घटना ने ग्रामीण समुदाय को चेतावनी दी है कि वे किसी भी तरह की संशयास्पद शराब से दूरी बनाए रखें और ऐसी किसी भी खबर को तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दें।