बरेली में मकान का लेंटर डालते समय हादसा, हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर दो मजदूर गंभीर रूप से झुलसे
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में रविवार को मकान का लेंटर डालने की तैयारी के दौरान बड़ा हादसा हो गया। भमोरा थाना क्षेत्र के कीरतपुर (नौगवां) गांव में सरिया बांधते समय दो मजदूर हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गए। करंट लगने से दोनों गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे के बाद मौके पर मौजूद मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई। साथियों ने आनन-फानन में दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भमोरा पहुंचाया, जहां उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया।
जानकारी के अनुसार, गांव में एक मकान का लेंटर डालने के लिए निर्माण कार्य की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान मजदूर छत पर सरिया बांधने का काम कर रहे थे। काम के दौरान सरिया हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गया, जिससे दो मजदूर करंट की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गए। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों और अन्य मजदूरों ने घायलों की मदद की और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।
हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आने से हुए इस हादसे ने निर्माण स्थलों पर बिजली की लाइनों के आसपास काम करने के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मकान की छत पर सरिया बांधने और लेंटर डालने जैसे कामों में लंबे लोहे के सरियों का इस्तेमाल होता है। यदि निर्माण स्थल के पास से हाईटेंशन लाइन गुजर रही हो, तो थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।
सीएचसी भमोरा में दोनों मजदूरों को प्राथमिक उपचार दिया गया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में घायलों के नाम, उनकी उम्र और प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि दोनों को बेहतर इलाज के लिए किसी अन्य अस्पताल में रेफर किया गया या नहीं।
घटना के बाद गांव में हादसे को लेकर चर्चा रही। ऐसे मामलों में निर्माण कार्य शुरू करने से पहले बिजली की लाइनों की दूरी का आकलन करना, सुरक्षित कार्यक्षेत्र सुनिश्चित करना और जरूरत पड़ने पर संबंधित बिजली विभाग से आवश्यक सुरक्षा उपाय करवाना महत्वपूर्ण होता है। हाईटेंशन लाइन के नजदीक काम करते समय विशेष सावधानी बरतना जरूरी है, ताकि इस तरह के हादसों से बचा जा सके।