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मेरठ में किन्नरों ने निकाली अनोखी कांवड़ यात्रा, 15 साल से देश की सुख-शांति के लिए उठा रहे गंगाजल

 

सावन की कांवड़ यात्रा के बीच मेरठ में किन्नर समाज के एक जत्थे ने अनोखी कांवड़ यात्रा निकाली। जय श्री अर्धनारीश्वर किन्नर कांवड़ संघ के सदस्य हरिद्वार से गंगाजल लेकर मेरठ पहुंचे। किन्नरों की गुरु मां प्रियंका ने बताया कि उनका संघ पिछले 15 वर्षों से देश में सुख, शांति और समृद्धि की कामना को लेकर कांवड़ यात्रा करता आ रहा है।

बताया गया कि किन्नर समाज के इस जत्थे ने 2 अगस्त को हरिद्वार पहुंचकर गंगाजल भरा था। इसके बाद सभी सदस्य कांवड़ लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए। यात्रा के दौरान जत्थे के सदस्यों ने भगवान शिव की आराधना की और देश में शांति तथा खुशहाली की प्रार्थना की।

गुरु मां प्रियंका के मुताबिक, कांवड़ यात्रा उनके लिए केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि समाज और देश के लिए सकारात्मक संदेश देने का माध्यम भी है। पिछले 15 वर्षों से उनका संघ इसी भावना के साथ कांवड़ यात्रा में शामिल होता रहा है। हर साल बड़ी श्रद्धा के साथ हरिद्वार से गंगाजल लाकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाता है।

मेरठ पहुंचने के दौरान किन्नर कांवड़ियों का जत्था लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। रास्ते में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने उनकी कांवड़ यात्रा को देखा और उनका उत्साह बढ़ाया। कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन की ओर से भी विशेष इंतजाम किए गए हैं।

सावन के दौरान हरिद्वार से गंगाजल लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में जाने वाले कांवड़ियों की संख्या लगातार बढ़ती है। इसमें समाज के विभिन्न वर्गों के लोग अपनी-अपनी आस्था और परंपरा के अनुसार शामिल होते हैं। इसी क्रम में किन्नर समाज का यह जत्था भी पिछले डेढ़ दशक से कांवड़ यात्रा में अपनी भागीदारी दर्ज करा रहा है।

जत्थे के सदस्यों का कहना है कि भगवान शिव के प्रति उनकी गहरी आस्था है। कांवड़ यात्रा के जरिए वे समाज में भाईचारे, प्रेम और शांति का संदेश देना चाहते हैं। उनका उद्देश्य देश में सुख-शांति बनी रहे और सभी लोग आपसी सद्भाव के साथ जीवन व्यतीत करें।

मेरठ में किन्नर समाज की इस कांवड़ यात्रा ने सावन के धार्मिक उत्साह में एक अलग रंग जोड़ दिया है। 15 वर्षों से चली आ रही यह परंपरा आस्था, समर्पण और देश के लिए मंगलकामना का प्रतीक बन चुकी है।