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कानपुर में ट्रेनिंग विमान क्रैश, उड़ान के 20 मिनट बाद गंगा बैराज के पास हादसा; पायलट और ट्रेनी की मौत

 

उत्तर प्रदेश के कानपुर में गुरुवार को बड़ा विमान हादसा हो गया। गंगा बैराज के पास एक ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट दुर्घटनाग्रस्त होकर खेत में जा गिरा। हादसे में विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। दोनों की पहचान गुजरात निवासी सचिन भाटिया और कर्नाटक निवासी अभिषेक पुजारी के रूप में हुई है। कानपुर पुलिस कमिश्नर ने दोनों की मौत की पुष्टि की है।

उड़ान भरने के 20 मिनट बाद क्रैश हुआ विमान

जानकारी के मुताबिक, ट्रेनिंग विमान ने गुरुवार सुबह करीब 11:30 बजे उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के लगभग 20 मिनट बाद यानी 11:50 बजे विमान गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा क्षेत्र में हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटर ट्विन इंजन विमान था और ट्रेनिंग उड़ान पर था। विमान के अचानक नीचे गिरने के बाद तेज आवाज सुनाई दी। देखते ही देखते एयरक्राफ्ट खेत में जा गिरा और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

हादसे की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। इलाके में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें तत्काल घटनास्थल पर पहुंचीं और राहत-बचाव अभियान शुरू किया गया।

इंस्ट्रक्टर और ट्रेनी पायलट की मौत

पुलिस के मुताबिक, विमान में इंस्ट्रक्टर सचिन भाटिया और ट्रेनी पायलट अभिषेक पुजारी सवार थे। सचिन भाटिया गुजरात के रहने वाले थे, जबकि अभिषेक पुजारी कर्नाटक से थे। हादसे के बाद दोनों को विमान के मलबे से बाहर निकाला गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

बताया गया है कि विमान गर्ग एविएशन ट्रेनिंग सेंटर से ट्रेनिंग उड़ान पर निकला था। विमानन अधिकारियों को हादसे की सूचना दे दी गई है।

हादसे की वजह अभी साफ नहीं

विमान दुर्घटना की वास्तविक वजह अभी सामने नहीं आई है। शुरुआती तौर पर यह स्पष्ट नहीं है कि विमान तकनीकी खराबी, मौसम या किसी अन्य कारण से दुर्घटनाग्रस्त हुआ। अधिकारियों ने घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू कर दी है।

डीजीसीए ने मामले की जानकारी एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो यानी AAIB को जांच के लिए देने की बात कही है। तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही पता चलेगा कि उड़ान के दौरान विमान में क्या खराबी आई और वह अचानक नियंत्रण से बाहर कैसे हुआ।

फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं। विमान के मलबे और हादसे से जुड़े अन्य साक्ष्यों को सुरक्षित किया जा रहा है। जांच एजेंसियां हादसे की हर पहलू से जांच करेंगी।