फतेहपुर में दर्दनाक हादसा, मिट्टी का टीला ढहने से तीन चरवाहों की मौत, गांव में मचा कोहराम
जिले के किशुनपुर थाना क्षेत्र के भसरौल गांव में बुधवार को एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जिसमें तीन किशोर चरवाहों की मिट्टी के टीले के ढहने से मौत हो गई। तीनों बच्चे यमुना नदी के किनारे मवेशी चरा रहे थे, तभी अचानक एक बड़ा मिट्टी का टीला उनके ऊपर आ गिरा और वे मलबे में दब गए। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम छा गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह हादसा दोपहर के वक्त हुआ जब तीनों किशोर नदी किनारे मवेशियों को चरा रहे थे और पास में बने मिट्टी के टीले की ओट में आराम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक टीला भरभराकर ढह गया और वे नीचे दब गए। ग्रामीणों ने जब आवाजें सुनीं, तो भागकर मौके पर पहुंचे और मलबा हटाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
मृतकों की पहचान
हादसे में जान गंवाने वाले तीनों किशोरों की पहचान गांव के ही रहने वाले विकास (14 वर्ष), रोहित (13 वर्ष) और राजू (12 वर्ष) के रूप में हुई है। सभी आपस में दोस्त थे और रोज की तरह उस दिन भी मवेशी चराने घर से निकले थे।
पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। किशुनपुर थाना पुलिस ने शवों को मलबे से बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौके पर पहुंचे तहसीलदार और उपजिलाधिकारी ने पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाया और मुआवजे की प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया।
परिजनों में कोहराम, गांव में शोक
तीनों बच्चों की असामयिक मौत से गांव में गहरा शोक है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग इस हादसे को लेकर बेहद व्यथित हैं और प्रशासन से नदी किनारे के खतरनाक इलाकों को चिन्हित कर आवश्यक कदम उठाने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यमुना नदी किनारे ऐसे कमजोर मिट्टी के ढेरों और टीलों के आसपास न जाएं और बच्चों को विशेष रूप से इन क्षेत्रों से दूर रखें। साथ ही इस क्षेत्र की भू-संरचना की जांच कर जोखिम वाले स्थानों को चिन्हित करने का कार्य जल्द शुरू करने की बात कही गई है।
यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि ग्रामीण इलाकों में प्राकृतिक खतरों को लेकर सतर्कता और जागरूकता की कितनी जरूरत है। तीन परिवारों की यह अपूरणीय क्षति पूरे गांव के लिए एक बड़ा दुख है, और प्रशासन से अपेक्षा है कि मृतकों के परिवारों को समुचित सहायता दी जाएगी।