बिजनौर में यातायात पुलिस का अभियान, 150 से अधिक वाहनों पर लगाए रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप
उत्तर प्रदेश के बिजनौर में सड़क हादसों को रोकने और वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए पुलिस ने विशेष अभियान शुरू किया है। यातायात माह नवंबर-2026 के तहत चलाए जा रहे इस अभियान में पुलिस लोगों को सुरक्षित वाहन चलाने के लिए जागरूक कर रही है। इसी क्रम में गुरुवार देर शाम तक यातायात पुलिस ने 150 से अधिक वाहनों पर रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप लगाए।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य रात के समय होने वाली सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को कम करना है। खासकर कम रोशनी और कोहरे जैसी परिस्थितियों में सड़क पर चलने वाले वाहनों को दूर से पहचानना मुश्किल हो जाता है। रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप की मदद से पीछे या किनारे से आने वाले वाहनों की रोशनी पड़ने पर संबंधित वाहन आसानी से दिखाई देने लगता है।
150 से अधिक वाहनों पर लगाए गए टेप
यातायात पुलिस ने गुरुवार को अभियान चलाकर 150 से अधिक वाहनों पर रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप लगाए। इस दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित अन्य वाहनों को भी अभियान में शामिल किया गया। पुलिस का प्रयास है कि ऐसे वाहनों पर टेप लगाए जाएं, जो रात के समय सड़क पर चलते हुए दूसरे वाहन चालकों को कम दिखाई देते हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य कृषि वाहन अक्सर सड़कों पर चलते हैं। कई बार इन वाहनों के पीछे पर्याप्त रोशनी या संकेतक नहीं होने से पीछे से आने वाले वाहन चालकों को समय पर उनका पता नहीं चल पाता। इससे दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है।
रात में वाहन दिखाई देने में मिलेगी मदद
रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप पर दूसरे वाहन की हेडलाइट पड़ने से यह चमकने लगता है। इससे अंधेरे में भी वाहन की स्थिति का पता चल जाता है। विशेष रूप से सर्दियों में धुंध और कम दृश्यता के दौरान ऐसे टेप सड़क सुरक्षा में मददगार साबित हो सकते हैं।
यातायात नियमों के प्रति भी किया जा रहा जागरूक
यातायात माह के दौरान पुलिस केवल वाहनों पर टेप लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि वाहन चालकों को नियमों का पालन करने के लिए भी जागरूक कर रही है। हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने और वाहन के जरूरी संकेतकों को सही रखने जैसे नियमों के बारे में जानकारी दी जा रही है।
पुलिस का उद्देश्य सड़क हादसों में कमी लाना और लोगों को सुरक्षित यातायात के प्रति जागरूक करना है। नवंबर महीने में चलने वाले इस अभियान के तहत आगे भी जागरूकता और सुरक्षा से जुड़े प्रयास जारी रहेंगे।